|
मेरे साथ बहुत बुरा बर्ताव हुआ: अमर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
समाजवादी पार्टी नेता अमर सिंह ने कांग्रेस के साथ 'रिश्ते अच्छे नहीं' होने की बात मानते हुए कहा है कि केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन(यूपीए) सरकार के गठन के दौरान उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव हुआ. बीबीसी वर्ल्ड के 'हार्ड टॉक' कार्यक्रम में अमर सिंह ने कहा कि उनके साथ जैसा बर्ताव हुआ वह कांग्रेस को भारी पड़ेगा. मई में चुनाव नतीजे आने के बाद सोनिया गाँधी की ओर से दिए गए रात्रिभोज में शामिल होने के अनुभव के बारे में अमर सिंह का कहना था, "मैं बहुत शर्मिंदा हूँ कि मैं वहाँ गया. मुझे वहाँ नहीं जाना चाहिए था." उनका कहना था कि जब वह बैठक में हिस्सा लेने अंदर पहुँचे जहाँ विभिन्न नेता बैठे तो उनके प्रति लोगों की बहुत ही ठंडी प्रतिक्रिया थी. अमर सिंह ने कहा, "अगर सिर्फ़ नज़रों से किसी की हत्या हो सकती तो मेरी तो हत्या लगभग हो ही गई थी." उन्होंने सरकार गठन के दौरान सोनिया गाँधी के निवास पर हुई विभिन्न दलों की बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें तो वहाँ बुलाया ही नहीं गया था और वह हरकिशन सिंह सुरजीत के कहने पर वहाँ गए. वहाँ सोनिया गाँधी के बर्ताव का उल्लेख करते हुए अमर सिंह का कहना था कि सोनिया गाँधी ने तो एक बार भी उनकी ओर देखा तक नहीं. उन्होंने कहा, "उन्होंने मुझसे बिल्कुल बात नहीं की. जब वह मेरे पड़ोस में खड़ी हुईं तो मैंने ही उन्हें अभिवादन किया. इस पर उन्होंने बहुत ही ठंडे तरीक़े से सिर हिला दिया." अमर सिंह ने कहा कि उस बैठक में सरकार को समर्थन देने वाले जिन दलों का ज़िक्र किया गया समजावादी पार्टी का नाम तक उसमें नहीं था. वैसे उन्होंने ये भी कहा कि सरकार से समर्थन वापस लेने की उनकी कोई मंशा नहीं है क्योंकि वह धर्मनिरपेक्ष दलों के गठबंधन में कोई मुश्किल पैदा करना नहीं चाहते. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||