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उत्तर प्रदेश को लेकर गरमाता माहौल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच वाक् युद्ध गरमाता जा रहा है. कांग्रेस प्रमुख सोनिया गाँधी ने जहाँ उत्तर प्रदेश की क़ानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं वहीं समाजवादी पार्टी के नेता अमर सिंह ने कहा है कि कांग्रेस पहले अपने शासन वाले राज्यों में क़ानून व्यवस्था की चिंता करे. बीबीसी हिंदी से विशेष बातचीत में अमर सिंह ने कांग्रेस के समर्थन वापसी की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर कहा कि कांग्रेस अगर समर्थन वापस ले लेगी फिर भी सरकार नहीं गिरेगी. अपने चुनाव क्षेत्र रायबरेली पहुँचीं सोनिया ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि अगर राज्य सरकार लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देती है तो कार्यकर्ता लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहें. इस बीच मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव हरकिशन सिंह सुरजीत ने प्रदेश सरकार को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में चल रहे वाक् युद्ध पर चिंता प्रकट करते हुए 'धर्मनिरपेक्ष ताकतों' को एकजुट रहने के लिए कहा है.
सपा नेता अमर सिंह ने कानून व्यवस्था की बात पर कहा, "मुंबई में अदालत में गैंगवार होता है, विधानसभा में प्रमोद नवलकर डायनामाइट की छड़ें लेकर पहुँच जाते हैं और दिल्ली में सीरी फ़ोर्ट के कार पार्किंग में विदेशी राजनयिक के साथ बलात्कार हो जाता है." उनका कहना था, "जिनके घर शीशे के होते हैं वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते." ये पूछे जाने पर कि कांग्रेस उनकी सरकार के विरुद्ध इस तरह के बयान क्यों दे रही है अमर सिंह ने इसकी वजह हताशा, कुंठा और निराशा को बताया. उनका कहना था, "इस बार तो सोनिया गाँधी का पूरा परिवार चुनाव में उतरा था फिर भी तीन प्रतिशत मत कम हो गए और सीट भी एक कम ही आई." अमर सिंह का कहना था कि उन्हें कांग्रेस पर दया आती है. समाजवादी पार्टी नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार में कांग्रेस को शामिल होने के लिए कहा था मगर सोनिया गाँधी ने बाहर से ही समर्थन करने का फ़ैसला किया. अमर सिंह का कहना था, "सरकार फिर भी नहीं गिरेगी, कुछ भी कर लें सरकार नहीं गिरेगी." |
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