| 'दल सरकार में शामिल हों तो अच्छा' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
समाजवादी पार्टी के नेता अमर सिंह ने कहा है कि सरकार के स्थायित्व के लिए ज़रूरी है कि समर्थन देने वाले दल किसी न किसी रूप में सरकार में शामिल हों. बीबीसी हिंदी से विशेष बातचीत में अमर सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी को सरकार में शामिल होने के बारे में कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है. अमर सिंह ने कहा कि राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी ने ही भारतीय जनता पार्टी पर लगाम लगाई है. उनका कहना था, "अगर हम उत्तर प्रदेश में भाजपा की बढ़त को नहीं रोकते तो संभवतः सोनिया गाँधी को मौक़ा नहीं मिलता." उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस गठबंधन सरकार चलाने के लिए ज़रूरी लचीला आचरण जल्दी ही सीख जाएगी. यह पूछे जाने पर कि अगर कांग्रेस ने सरकार में शामिल होने के बारे में औपचारिक रूप से नहीं बुलाया तो क्या पार्टी समर्थन पर पुनर्विचार कर सकती है, अमर सिंह ने इस संभावना से इनकार किया. उनका कहना था कि ये भी ज़रूरी नहीं है कि अगर सरकार में शामिल होने का प्रस्ताव आए तो पार्टी शामिल हो ही जाएगी मगर इस पर विचार तभी होगा. शेयर बाज़ार में हुई उथल-पुथल के बारे में अमर सिंह का कहना था, "अभी सबका ध्यान सरकार बनाने पर है, मार्केट पर नहीं." कांग्रेस नेता सोनिया गाँधी के घर पर रविवार को हुई सहयोगी दलों की बैठक में समाजवादी पार्टी को आमंत्रित नहीं किया गया था मगर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी नेता हरकिशन सिंह सुरजीत के कहने पर अमर सिंह और राष्ट्रीय लोकदल नेता अजित सिंह उस बैठक में शामिल होने गए थे. इस बैठक के बारे में अमर सिंह ने कहा कि बिना बुलावे के भी वह वहाँ गए थे सिर्फ़ इसलिए कि धर्मनिरपेक्ष शक्तियाँ एकजुट रहें. चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में गठबंधन को लेकर समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के बीच काफ़ी खींचतान हुई थी और समाजवादी पार्टी पर जानबूझकर गठबंधन नहीं करके भाजपा को फ़ायदा पहुँचाने का आरोप लगा था. समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगी दलों को उत्तर प्रदेश में लगभग 40 सीटें मिली हैं मगर इन सीटों के बिना भी कांग्रेस गठबंधन और सहयोगी दल बहुमत के आँकड़े तक पहुँच रहे हैं. चुनाव से पहले कहा जा रहा था कि त्रिशंकु लोकसभा की स्थिति में समाजवादी पार्टी की स्थिति काफ़ी महत्त्वपूर्ण हो जाएगी मगर आँकड़ों ने सारा गणित पलट दिया और समाजवादी पार्टी को ख़ुद ही कांग्रेस के समर्थन के लिए आगे आना पड़ा है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||