|
सोनिया के शपथ ग्रहण का बहिष्कार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के अन्य घटक दलों ने घोषणा की है कि वे सोनिया गाँधी के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार करेंगे. लेकिन निवर्तमान प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी लोकतांत्रिक परंपरा का निर्वाह करते हुए इस मौक़े पर मौजूद रहेंगे. वाजपेयी के निवास स्थान पर एनडीए की बैठक में यह फ़ैसला किया गया. भावना बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने कहा, "हम लोगों की भावना को व्यक्त करने के लिए शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार करेंगे." लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन सोनिया गाँधी के विदेशी मूल के मुद्दे पर संसद का बहिष्कार नहीं करेगा. नायडू ने कहा, "सरकार के बहिष्कार का सवाल ही नहीं उठता. हम संसद के अंदर और बाहर सरकार से निपटेंगे. हम संसद में रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएँगे." उन्होंने कहा कि सोनिया गाँधी के प्रधानमंत्री के रूप में चुनाव से बड़ी संख्या में देश की जनता आहत हुई है लेकिन भाजपा विदेशी मूल के मुद्दे पर कोई आंदोलन नहीं करेगी. नायडू ने कहा कि पार्टी संसद में इस मुद्दे को उठाएगी. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||