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कटियार को हटाकर त्रिपाठी को ज़िम्मा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने नेतृत्व परिवर्तन करते हुए विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष केशरीनाथ त्रिपाठी को प्रदेश का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. इससे पहले विनय कटियार ने अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. लखनऊ में विनय कटियार ने इन ख़बरों की पुष्टि की थी कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेंकैया नायडू का निर्देश था कि वे इस्तीफ़ा दे दें. वेंकैया नायडू का यह निर्देश उन्हें पार्टी महासचिव संजय जोशी के माध्यम से मिला. विनय कटियार इस बात से नाराज़ हैं कि पार्टी अध्यक्ष ने सीधे उनसे बात नहीं की. दरअसल विनय कटियार चाहते थे कि वे प्रदेश में संगठन के औपचारिक चुनावों के बाद अपने पद से इस्तीफ़ा दें लेकिन पार्टी आलाकमान ने उनसे पहले ही इस्तीफ़ा माँग लिया. इससे पहले ख़बरें थीं लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में पार्टी ख़राब प्रदर्शन के बाद विनय कटियार तो पद से हटाया जा रहा है.
इन ख़बरों पर विनय कटियार ने नाराज़गी भी जताई थी. उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में से भाजपा सिर्फ़ 10 सीटें जीत सकी थी. माना जाता है कि केंद्र में भाजपा की सरकार न बन पाने के पीछे उत्तर प्रदेश का ख़राब प्रदर्शन एक बड़ा कारण था. उधर लोकसभा चुनाव में हार के बाद केशरीनाथ त्रिपाठी ने विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. बीबीसी संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी का कहना है कि विनय कटियार जिस तरह का तेवर दिखा रहे हैं उससे लगता है कि प्रदेश में पार्टी के भीतर अगड़े-पिछड़े की खींचतान बढ़ेगी. |
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