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संसद में दूसरे दिन भी हंगामा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आपराधिक मामलों में फंसे मंत्रियों के मुद्दे पर संसद में गतिरोध दूर करने की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की कोशिशों के बावजूद बुधवार को संसद में इस मुद्दे पर हंगामा हुआ. दोनों ही सदनों में हंगामा रहा जिसके बाद दिन भर के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. वैसे लोकसभा में चरनजीत सिंह अटवाल को उपाध्यक्ष चुना गया और लोकसभा अध्यक्ष ने लालू यादव के मधेपुरा सीट छोड़ने की जानकारी दी. इसके बाद सभी दलों के नेताओं ने अटवाल को बधाई दी मगर काम शुरू करने की बात होते ही विपक्ष ने फिर मंत्रियों के मुद्दे पर स्पष्टीकरण की माँग रखी. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इसके बाद शोर-शराबा शुरू हो गया. इसी सबके बीच रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी ने करगिल संघर्ष के बारे में मीडिया में आई ख़बरों पर स्पष्टीकरण दिया. राज्यसभा में हंगामा ऊपरी सदन राज्यसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया. कार्यवाही शुरू होने के 10 मिनट बाद ही सभापति भैरों सिंह शेखावत ने दोपहर दो बजे तक के लिए सदन का काम-काज स्थगित कर दिया. बैठक दोबारा शुरू होने पर फिर हंगामा हुआ और इसके बाद सभापति ने पूरे दिन के लिए सदन की बैठक स्थगित कर दी. मंगलवार को भी मंत्रियों के मुद्दे पर संसद जमकर हंगामा हुआ था जिसके कारण दोनों ही सदनों में कोई काम नहीं हो सका. बाद में गतिरोध को दूर करने की कोशिशों के तहत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाक़ात की. लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस मामले पर पीछे हटने से इनकार कर दिया था. लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी के उपनेता और पार्टी प्रवक्ता विजय कुमार मल्होत्रा ने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष नहीं रखते उनकी पार्टी का विरोध जारी रहेगा. अटवाल लोकसभा उपाध्यक्ष अकाली दल सांसद चरनजीत सिंह अटवाल लोकसभा के उपाध्यक्ष बन गए हैं. बुधवार को लोकसभा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उपाध्यक्ष पद के लिए अटवाल के नाम का प्रस्ताव किया. सदन में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी और रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी ने अटवाल के नाम का समर्थन किया. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने मंगलवार को ही उपाध्यक्ष पद के लिए अटवाल के नाम को मंज़ूरी दे दी थी. 67 वर्षीय अटवाल उपाध्यक्ष पद की दौड़ में अकेले उम्मीदवार थे. काँग्रेस गठबंधन सरकार ने पहले ही एनडीए को उपाध्यक्ष पद की पेशकश की थी. एनडीए ने भी लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए सोमनाथ चटर्जी का समर्थन किया था और उनका चुनाव सर्वसम्मति से हुआ था. पंजाब की फिल्लौर सुरक्षित सीट से सांसद अटवाल 1997 से 2002 तक पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके हैं. |
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