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अटवाल लोकसभा के उपाध्यक्ष बने | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अकाली दल सांसद चरनजीत सिंह अटवाल लोकसभा के उपाध्यक्ष बन गए हैं. बुधवार को लोकसभा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उपाध्यक्ष पद के लिए अटवाल के नाम का प्रस्ताव किया. सदन में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी और रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी ने अटवाल के नाम का समर्थन किया. मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने उपाध्यक्ष पद के लिए अटवाल के नाम को मंज़ूरी दे दी थी. काँग्रेस गठबंधन सरकार ने पहले ही एनडीए को उपाध्यक्ष पद की पेशकश की थी. एनडीए ने भी अध्यक्ष पद के लिए सोमनाथ चटर्जी का समर्थन किया था और उनका चुनाव सर्वसम्मति से हुआ था. 67 वर्षीय अटवाल उपाध्यक्ष पद की दौड़ में अकेले उम्मीदवार थे. मंगलवार को उनकी ओर से सरकार और विपक्ष के कई सदस्यों ने पर्चे भरे थे. प्रस्ताव अटवाल के नाम का प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रियों प्रणव मुखर्जी, शरद पवार, लालू प्रसाद यादव के साथ-साथ समाजवादी पार्टी नेता रामगोपाल यादव ने किया. एनडीए की ओर से अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, जॉर्ज फ़र्नांडीस, शिवसेना नेता चंद्रकांत खैरे और अकाली सांसद सुखदेव सिंह ढींडसा ने अटवाल के नाम का प्रस्ताव किया. वैसे अटवाल के उपाध्यक्ष चुने जाने की औपचारिक घोषणा बुधवार को की जाएगी. अपना नामांकन पत्र भरने के बाद अटवाल ने कहा कि वे उपाध्यक्ष के रूप में निष्पक्ष काम करेंगे. अटवाल के नाम को एनडीए की बैठक में मंज़ूरी दे दी गई थी. बैठक की अध्यक्षता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने की. अटवाल पंजाब की फिल्लौर सुरक्षित सीट से लोकसभा के लिए चुने गए हैं और वे पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. |
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