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कराची में हिंसा की आशंका, भारी सुरक्षा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के कराची शहर में तालेबान समर्थक प्रमुख मौलवी मुफ़्ती निज़ामुद्दीन शामज़ई की हत्या के बाद तनाव को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. सुन्नी मौलवी शामज़ई की रविवार को हत्या कर दी गई थी जिसके बाद कराची में तनाव पैदा हो गया था और बहुत से बाज़ार बंद रहे और वाहन भी नहीं चले. कराची में सड़कों पर स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए हज़ारों सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. पुलिस ने ख़ासतौर से शिया मस्जिदों के आसपास सुरक्षा बढ़ाई है क्योंकि शियाओं के ख़िलाफ़ हिंसा की आशंका व्यक्त की गई है. कराची में शिया-सुन्नी हिंसा अक्सर होती रहती है और इसमें पिछले 15 सालों में हज़ारों लोग मारे जा चुके हैं. हड़ताल छह कट्टरपंथी दलों के संगठन मुत्तहिदाए मजलिस-ए-अमल (एमएमए) ने शामज़ई की हत्या के विरोध में शुक्रवार को आम हड़ताल का आहवान किया है. एमएमए के एक वरिष्ठ नेता मौलाना फ़ज़लुर्रहमान ने कहा, "हम ख़ामोश नहीं बैठेंगे. हम महान मज़हबी शख़्सियत शामज़ई की हत्या का विरोध करेंगे."
उन्होंने कहा, "अगर निज़ामुद्दीन शामज़ई के हत्यारों को पकड़ने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं की जाती तो हम अपनी कार्रवाई करने पर मजबूर होंगे." इस बीच निज़ामुद्दीन शामज़ई की हत्या की जाँच के लिए एक विशेष कार्यबल गठित किया गया है. निज़ामुद्दीन शामज़ई की हत्या की अभी किसी ने ज़िम्मेदारी नहीं ली है. मौक़े पर मौजूद लोगों का कहना है कि मुफ़्ती शामज़ई की कार पर हमला करने वाले छह बंदूकधारी थे. 75 वर्षीय मौलवी शामज़ई की कार पर हुए हमले में उनका एक बेटा, भतीजा, चालक और एक गार्ड घायल हो गए. मुफ़्ती निज़ामुद्दीन शामज़ई अमरीका के कट्टर आलोचक थे और अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ पर हमलों के बाद उन्होंने अमरीका के ख़िलाफ़ जिहाद की हिमायत की थी. |
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