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सोनिया को लेकर भ्रम की स्थिति
सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह
राष्ट्रपति के बातचीत के न्यौते के बाद सोनिया मनमोहन सिंह के साथ राष्ट्रपति से मिलीं
काँग्रेस नेता सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री बनने को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है.

बीबीसी के दिल्ली संवाददाता के अनुसार राजनीतिक हलकों में ऐसी अटकलें चल रही हैं कि उन्होंने नेतृत्व संभालने से मना कर दिया है.

सोनिया मंगलवार को राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम से मिलने गई थीं जिसके बाद उन्होंने कहा कि वे फिर बुधवार को उनसे मिलेंगी.

राष्ट्रपति से मिलने के बाद सोनिया गांधी काँग्रेस के सहयोगी दलों के नेताओं और अपनी पार्टी के सहयोगियों से मिल रही हैं.

समझा जा रहा है कि मंगलवार शाम को आधिकारिक तौर पर कोई बयान आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी.

वैसे बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सोनिया गांधी को लेकर भ्रम की स्थिति एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकती है.

राष्ट्रपति से मुलाक़ात

राष्ट्रपति कलाम के न्यौते पर सोनिया गांधी मंगलवार को उनसे मिलने गईं.

उन्होंने राष्ट्रपति भवन से बाहर आकर बताया कि राष्ट्रपति कलाम ने उनसे सरकार बनाने लायक समर्थन के और सबूत माँगे हैं.

राष्ट्रपति ने सोनिया गांधी को सोमवार को बातचीत का निमंत्रण दिया था जिसके बाद समझा जा रहा था कि राष्ट्रपति से मुलाक़ात के बाद तस्वीर साफ़ हो जाएगी.

लेकिन सोनिया गांधी की राष्ट्रपति से मुलाक़ात के बाद भी प्रधानमंत्री पद को लेकर अनिश्चय बना हुआ है.

दिल्ली से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि काँग्रेस में एक तबका ऐसा चाहता है कि सोनिया गाँधी प्रधानमंत्री का पद स्वीकार नहीं करें.

समर्थन पत्र

 राष्ट्रपति ये जानना चाहते थे कि कौन पार्टियाँ हमें भीतर से और कौन बाहर से समर्थन दे रही हैं
सोनिया गांधी

सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति कलाम के साथ 20 मिनट की मुलाक़ात के बाद कहा कि ये एक प्रारंभिक मुलाक़ात थी.

उन्होंने कहा,"राष्ट्रपति ये जानना चाहते थे कि कौन पार्टियाँ हमें भीतर से और कौन बाहर से समर्थन दे रही हैं".

सोनिया ने कहा कि राष्ट्रपति कलाम ने उनसे कहा कि समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल ने अपने समर्थन पत्र उन्हें सौंप दिए हैं.

काँग्रेस नेता ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति को इस विषय में विस्तार से समझाया.

सोनिया अपने सहयोगी मनमोहन सिंह के साथ राष्ट्रपति से मिलने पहुँची थीं.

 हम अपने सारे सहयोगियों के पत्र लेकर राष्ट्रपति से कल फिर मिलेंगे
सोनिया गांधी

सोनिया गांधी ने कहा,"हम अपने सारे सहयोगियों के पत्र लेकर राष्ट्रपति से कल फिर मिलेंगे".

उन्होंने पत्रकारों से फिर कहा कि वामपंथी दल और डीएमके ने सरकार को बाहर से समर्थन देने का फ़ैसला किया है और वे सरकार में शामिल नहीं होंगे.

इससे पहले सोमवार को राष्ट्रपति ने सोनिया गांधी को बातचीत के लिए न्यौता दिया था.

राष्ट्रपति के पत्र में कहा गया था कि सोनिया गाँधी को लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी की नेता और सबसे बड़े गठबंधन की नेता के तौर पर विचार-विमर्श के लिए आमंत्रित किया गया है.

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