|
बिमान बोस को अग्रिम ज़मानत मिली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पश्चिम बंगाल में मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता बिमान बोस को अग्रिम ज़मानत मिल गई है. राज्य सरकार ने चुनाव आयोग के निर्देश पर बिमान बोस के ख़िलाफ़ मतदान प्रक्रिया में बाधा पहुँचाने की कोशिशें करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. ग़ौरतलब है कि माकपा के पोलित ब्यूरो के सदस्य बिमान बोस ने कहा था कि चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक अपनी सीमा से बाहर जाकर काम कर रहे हैं. उन्होंने वाममोर्चा के कार्यकर्ताओं से कहा था कि पर्यवेक्षक अगर हद से आगे जाएं तो उन्हें कॉलर से पकड़ कर पुलिस स्टेशन ले जाएँ. कुछ अख़बारों में प्रकाशित इस बयान को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने कहा था कि वह चुनाव के दौरान कोई गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेगा. चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी से कहा था कि वह बिमान बोस के ख़िलाफ़ पुलिस रिपोर्ट दर्ज करवाए जिसके बाद बिमान बोस के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई. बुधवार को कलकत्ता की एक अदालत ने बिमान बोस को अग्रिम ज़मानत दे दी. बिमान बोस पश्चिम बंगाल में सत्तारुढ़ वामपंथी मोर्चे के चेयरमैन हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||