|
अजीत जोगी पर बहस से सगाई टूटी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में हो रहे आम चुनाव ने सिर्फ़ राजनीतिज्ञों को ही नहीं बल्कि आम लोगों के जीवन को भी किस क़दर प्रभावित किया है इसका अंदाज़ा मिला छत्तीसगढ़ में. यहाँ लड़की वालों ने सगाई के लिए आए लड़के के रिश्तेदारों को सिर्फ़ इसलिए भगा दिया क्योंकि लड़के वालों का कहना था कि महासमुंद सीट से पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी चुनाव हारने वाले हैं. लड़के वालों की इस बात से नाराज़ लड़की वालों ने ऐसे परिवार में अपनी लड़की की शादी करने से भी इनकार कर दिया जो अजीत जोगी के साथ नहीं है. यह घटना महासमुंद संसदीय क्षेत्र की है जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी कांग्रेस उम्मीदवार हैं और भाजपा के टिकट पर वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल लड़ रहे हैं. पानी देने से इंकार घटना महासमुंद विकासखंड में मंगलवार की सुबह हुई जब एक परिवार में सगाई का कार्यक्रम चल रहा था. सगाई कार्यक्रम के बीच हो रही बातचीत में राजनीतिक चर्चा चल पड़ी और यह बहस चल पड़ी कि महासमुंद क्षेत्र से कौन चुनाव जीतेगा. थोड़ी ही देर में यह चर्चा गर्मागर्म बहस में बदल गई. लड़के के किसी रिश्तेदार ने कह दिया कि अजीत जोगी चुनाव हार जाएँगे. इतने से ही लड़की वाले बिगड़ गए थे. बात इतनी बिगड़ गई कि खाना खा रहे मेहमानों को लड़की वालों ने हाथ धोने के लिए पानी तक देने से इनकार कर दिया और उन्हें अपने घर से भगा दिया. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि लड़की के पिता रोशन भारद्वाज ने कह दिया कि वे ऐसे परिवार में अपनी लड़की की शादी करना ही नहीं चाहते जो अजीत जोगी के साथ नहीं है. गाँव वालों के बीच-बचाव से फिलहाल दोनों पक्षों के बीच झगड़ा तो टल गया है लेकिन शादी अधर में लटक गई दिखती है. कारण जिन दो परिवारों में यह विवाद हुआ है वह अनुसूचित जाति का सतनामी परिवार है. अजीत जोगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद सतनामी समाज ने उन्हें अपना नेता मान लिया है और इस समाज में उनके समर्थकों की भारी संख्या है. हालांकि अजीत जोगी अपने आपको आदिवासी बताते हैं लेकिन सतनामी उन्हें अपने समाज का सदस्य मानते हैं. छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में तो अजीत जोगी को सामाजिक नेता के रुप में भी देखा जाता है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||