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कांग्रेस ने जोगी को निलंबित किया
भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ के निवर्तमान मुख्यमंत्री अजीत जोगी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पार्टी विधायकों को रिश्वत का प्रलोभन देकर तोड़ने की कोशिश की. भाजपा का आरोप है कि जोगी ने उसके नवनिर्वाचित विधायकों को ख़रीदने की कोशिश की ताकि राज्य में चुनाव जीतने के बावजूद भाजपा सरकार नहीं बना पाए. भाजपा का दावा है कि उसने इस सिलसिले में पार्टी के एक विधायक के साथ जोगी की बातचीत रिकॉर्ड कर ली गई है. जोगी ने आरोप का दोटूक खंडन किया है. उन्होंने कहा है कि टेप में आवाज़ उनकी नहीं है. इस बीच कांग्रेस आलाकमान ने जोगी को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित कर दिया है. पैसे की पेशकश केन्द्रीय क़ानून मंत्री और भाजपा नेता अरुण जेटली ने शनिवार देर रात रायपुर में बाक़ायदा एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया और पत्रकारों को कथित सबूतों वाली ऑडियो टेप सुनवाई.
जेटली ने दावा किया कि इनमें एक आवाज़ जोगी की है और दूसरी भाजपा विधायक वीरेन्द्र पांडे की. जेटली के मुताबिक़ जोगी ने पांडे को न सिर्फ़ रिश्वत की पेशकश की बल्कि पैसा दे भी दिया. ये रक़म भी जेटली ने पत्रकारों के सामने पेश की. उन्होंने कहा कि उनके विधायक पांडे की कोई साज़िश रचने या पार्टी छोड़ने की कोई मंशा नहीं थी और उन्होंने जोगी की सच्चाई सामने लाने के लिए ही उनसे पैसा लिया और उनकी आवाज़ रिकॉर्ड कर ली. खंडन अजीत जोगी ने शनिवार देर रात रायपुर में अपने आवास पर पत्रकारों को बताया कि टेप जाली है और उसमें उनकी आवाज़ नहीं है. हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि भाजपा विधायक पांडे उनसे मिले थे और आदिवासी मुख्यमंत्री के पक्ष में उनका समर्थन माँगा था, और उन्होंने इस आशय का एक पत्र भी उन्हें सौंपा था. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार जोगी ने स्वीकार किया कि ऐसा उन्होंने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को भरोसे में लिए बिना किया था क्योंकि वह उनसे संपर्क नहीं कर सके थे. |
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