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दूसरे दौर का एक्ज़िट पोल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सोमवार को लोकसभा की 136 सीटों के लिए मतदान हुआ, मतदान के ख़त्म होते ही टेलीविज़न चैनलों ने मतदान-बाद सर्वेक्षणों का प्रसारण शुरू कर दिया, आंकड़ों की झड़ी लगा दी. आंकड़ों में काफ़ी विरोधाभास है लेकिन एक बात तय है कि भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को 1999 के परिणामों के मुक़ाबले नुक़सान हो रहा है. स्टार टीवी के मतदान बाद सर्वेक्षण का कहना है कि जिन 136 सीटों के लिए मतदान हुआ है उसमें से एनडीए को 68 से 80 तक सीटें मिलेंगी यानी उसे कम से कम सात सीटों का नुक़सान होगा, 1999 के लोकसभा चुनाव में एनडीए के पास इन 136 में से 87 सीटें थीं. इसी तरह स्टार टीवी ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को 50 तक सीटें मिलने की बात कही है, यानी उन्हें 22 तक सीटों का फ़ायदा हो सकता है क्योंकि तेरहवीं लोकसभा में उनके पास इनमें से सिर्फ़ 22 सीटें थीं. भारी नुक़सान इसी चैनल ने आगामी लोकसभा का अनुमान लगाने की कोशिश की है, स्टार टीवी का कहना है कि चौदहवीं लोकसभा में एनडीए को ज़्यादा से ज़्यादा 280 सीटें मिलेंगी यानी उसे सोलह सीटों का नुक़सान होगा क्योंकि पिछली बार इस गठबंधन के पास 296 सीटें थीं. कांग्रेस को 172 सीटें मिलने की भविष्यवाणी स्टार टीवी ने की है यानी उसे लगभग 38 सीटों का फ़ायदा हो सकता है. यह स्पष्ट करना ज़रूरी है कि पार्टियों के पाला बदलने के कारण आंकड़े 1999 से लेकर 2004 तक काफ़ी बदल गए हैं. सोमवार के मतदान के बाद ज़ी टीवी ने अपने सर्वेक्षण में कहा है कि एनडीए को 54 और कांग्रेस को 46 सीटें मिलेंगी, यानी कांग्रेस को 18 सीटों का भारी फ़ायदा और एनडीए को तीस से अधिक सीटों का नुक़सान होगा.
ज़ी टीवी ने जिन 276 सीटों पर मतदान हुआ है उनके बारे में कुछ इस तरह की भविष्यवाणी की है--एनडीए को 125, कांग्रेस को 89 और अन्य दलों को 64 सीटें मिल सकती हैं. एक अन्य चैनल आजतक ने 20, 22 और 26 अप्रैल को जिन सीटों पर मतदान हुआ है उनके परिणाम का अनुमान लगाया है, इन सीटों की संख्या है--276. इनमें से 144 सीटें एनडीए को मिलने की भविष्यवाणी की गई है यानी उसे 28 सीटों का नुक़सान हो रहा है, जबकि कांग्रेस को इन 276 में से 100 सीटें मिलने की बात कही गई है जो कि 31 सीटों का फ़ायदा होगा. चैनलों ने अलग-अलग सीटों पर मतदाताओं से सवाल पूछकर ये निष्कर्ष निकाले हैं, हर चैनल ने इसके लिए अलग तरीक़ा अपनाया है और भविष्यवाणियाँ कितनी सही साबित होती हैं इसका पता परिणाम आने के बाद ही चलेगा. |
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