| राजस्थान में हुआ टेपकांड | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जोगी-जूदेव टेप कांड के बाद अब राजस्थान में भी एक ऐसे ही टेप के सामने आने से चुनाव से ठीक पहले हड़कंप मच गया है. इस टेप में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान की पिछली कांग्रेस सरकार के तीन मंत्रियों को कथित रूप से पैसों की सौदेबाजी करते हुए दिखाया गया है. टेप में दो पूर्व मंत्रियों छोंगालाल और तकीउद्दीन को रुपए लेते हुए दिखाया गया है जबकि एक पूर्व मंत्री गुलाब सिंह को पैसे की सौदेबाज़ी करते हुए दिखाया गया है. इनके अलावा टेप में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत के बड़े भाई कँवर सिंह गहलोत सहित उनके कई निकटस्थों को पैसे की सौदेबाजी करते हुए दिखाया गया है. यह सनसनीखेज़ टेप, जयपुर के एक प्रॉपर्टी डीलर रणवीर सिंह, ने जारी किया है. पूरा मामला सरकार द्वारा अधिग्रहित एक क़ीमती ज़मीन से जुड़ा हुआ है. रणबीर सिंह के मुताबिक सौदेबाज़ी ज़मीन के मुआवज़े को लेकर की गई. छवि पर असर रणबीर सिंह ने माना कि अशोक गहलोत से उनकी कोई बात नहीं हुई लेकिन उन्होंने बताया कि यह पैसा गहलोत के लिए ही दिया गया. हालांकि रणबीर को अब यह याद नहीं है कि उन्होंने किसे, कितना पैसा दिया. अशोक गहलोत अपनी साफ़ और ईमानदार छवि के लिए जाने जाते हैं. जब टेप जारी करने वाले रणबीर सिंह से पूछा गया कि यह टेप तो कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का है, फिर इसे इतनी देर से क्यों जारी किया गया, उन्होंने बताया कि भाजपा नेताओं से मदद न मिलने की वजह से उन्हें इतनी देर हुई है. इस टेप के जारी होने के बाद राज्य विधानसभा चुनाव में पहले से ही हार से हताश कांग्रेस के लिए नई मुसीबतें खड़ी हो गई हैं. उधर कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने इसको ग़लत और संदिग्ध बताते हुए कहा है कि ये टेप राजनीति से प्रेरित है. |
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