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मंगलवार, 20 अप्रैल, 2004 को 14:43 GMT तक के समाचार
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जीत का भरोसा नहीं सोनिया कोः भाजपा

प्रियंका और सोनिया गांधी
रायबरेली में हिंसा की संभावित घटना को देखते हुए प्रियंका ने आयोग से और सुरक्षा की माँग की
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पुत्री और पार्टी उम्मीदवारों में प्रचार की पहली पसंद प्रियंका गांधी जब रायबरेली चुनाव क्षेत्र में धांधली की आशंका लेकर चुनाव आयोग पहुँचीं तो भाजपा भला टिप्पणी से कैसे चूकती?

और भाजपा ने टिप्पणी की भी बड़े ही शायराना अंदाज़ में. पार्टी प्रवक्ता मुख़्तार अब्बास नक़वी का कहना था, 'जब रात है इतनी मतवाली तो सुबह का आलम क्या होगा...'

अब इसका मतलब निकालना संवाददाताओं पर छोड़ दिया गया. नक़वी ने कहा कि प्रियंका का चुनाव आयोग के पास जाना दिखाता है कि सोनिया गांधी ख़ुद अपनी सीट को ही लेकर निश्चिंत नहीं हैं.

अब जब नक़वी ने ये बात कही तो सवाल उठना स्वाभाविक ही था कि प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने लखनऊ से राम जेठमलानी से मैदान से हटने की अपील क्यों की?

सवाल उठा भी मगर संवाददाताओं से निपटने में चतुर हो चले नक़वी ने कह दिया कि वो अध्याय अब बंद हो चुका है इसलिए उस पर बात मत करिए. तो इस तरह सवाल धरा का धरा रह गया.

कौन कितना पाएगा

पहले चरण में 140 लोकसभा सीटों के लिए मतदान हुआ और भाजपा का दावा है कि वह इनमें से 100 से भी ज़्यादा सीटें जीत रही है.

मुख़्तार अब्बास नक़वी
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को हार का डर लग रहा है

वहीं जब कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी को ये दावे पता चले तो वह बिफर गए और बोले कि भाजपा वाले तो बौखला गए हैं, घबरा गए हैं और सपने की दुनिया में रह रहे हैं.

मगर ये तो मानना ही पड़ेगा कि भाजपा प्रवक्ता 'होमवर्क' करके संवाददाता सम्मेलन में आते हैं.

इसका उदाहरण इसी बात से पता चला कि नक़वी ने तो संवाददाता सम्मेलन में बता दिया कि जिन 140 सीटों पर मतदान हो रहा है उनमें से भाजपा के पास 88 सीटें थीं और वह 103 सीटों पर मैदान में इस बार भी है.

भाजपा 1999 के चुनाव में 101 सीटों पर लड़ी थी और इस बार उसने 37 सीटें सहयोगी दलों को दी हैं.

कांग्रेस प्रवक्ता सिंघवी से पूछा गया कि वह इन 140 सीटों में से कितनी पर चुनाव लड़ रही है तो उन्होंने कह दिया कि इसका आँकड़ा तो उनके पास नहीं है. वह ये भी नहीं जानते थे कि इनमें से कितनी सीटें पिछली बार उनके पास थीं.

मतदान कैसा रहा?

भाजपा ने दोपहर तक के मतदान को उत्साहवर्द्धक बताया तो कांग्रेस ने चुनावी हिंसा की घटनाओं पर अफ़सोस जाहिर किया.

मतदान
भाजपा ने मतदान को उत्साहवर्द्धक बताया तो कांग्रेस ने हिंसा पर अफ़सोस जताया

भाजपा ने कहा कि जिस शांतिपूर्ण वातावरण में चुनाव हुए हैं वह काफ़ी संतोष की बात है. पार्टी प्रवक्ता ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और बिहार में संभावनाओं को अच्छा बताया.

समाजवादी पार्टी से संभावित गठबंधन के बारे में नक़वी का कहना था कि सपा किसी तरह की ग़लतफ़हमी में नहीं रहे और पार्टी को उसकी ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

उधर कांग्रेस प्रवक्ता ने मतदान के दौरान हुई हिंसक घटनाओं पर अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए चुनाव आयोग से कड़े क़दम उठाने की माँग की.

कांग्रेस ने हाथ के हाथ 'एग्ज़िट पोल' का मसला भी उठाया और कहा कि चुनाव आयोग को इस पर रोक लगानी चाहिए.

उसका कहना था कि जिस तरह पहले चरण के मतदान के बाद ही उसके नतीजे घोषित नहीं होते उसी तरह एग्ज़िट पोल भी नहीं आने देने चाहिए.

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