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भाजपा को चुनाव आयोग का झटका | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लखनऊ में हुए साड़ी वितरण कांड ने भाजपा को लपेटना शुरू कर दिया है. चुनाव आयोग ने इस बारे में कड़ा रुख़ अख़्तियार करते हुए पार्टी को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इस मामले में आयोग ने भाजपा नेता लालजी टंडन के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 171-बी के तहत मुकदमा चलाने के लिए भी कहा है. धारा 171-बी रिश्वत देने के मामले में लागू होता है और आयोग का कहना है कि पहली नज़र में यह मतदाताओं को रिश्वत देने का मामला दिखता है. इस मामले में आयोग ने प्रधानमंत्री पर कोई टिप्पणी नहीं की क्योंकि तब तक उन्होंने वहाँ से नामांकन दाख़िल नहीं किया था. आयोग के उपायुक्त एएन झा ने इस बारे में संवाददाता सम्मेलन में जानकारी दी. आयोग ने निर्देश दिया है कि लखनऊ के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का तबादला कर दिया जाए. भाजपा नेता लालजी टंडन के जन्मदिन पर लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को साड़ियाँ बाँटी जा रही थीं और उसी में भगदड़ मच जाने के बाद 22 महिलाओं की मौत हो गई थी. इस कांड के बाद से ही विपक्षी पार्टियाँ इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन मान रही थीं जबकि भाजपा का कहना था कि ये हर वर्ष होने वाला कार्यक्रम था और इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए. आयोग ने कहा है कि शुरुआती तौर पर देखने से ये मामला चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का लगता है इसलिए भाजपा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उधर आयोग ने चेन्नै के कलेक्टर का भी तबादला करने का आदेश दिया है. चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और मुख्य चुनाव अधिकारी की रिपोर्ट के अध्ययन के बाद ये आदेश दिया है. |
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