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आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली से बड़ी-बड़ी राजनीतिक हस्तियाँ सोमवार को भले ही बाहर रही हों मगर राजधानी का राजनीतिक तापमान था कि ठंडा होने का नाम ही नहीं ले रहा. फिर गर्म रहे क्यों न आख़िर सत्ता का केंद्र जो ठहरा. अब मीडिया को अपने पक्ष में करने की ऐसी कोशिशें चल रही हैं कि इधर एक पार्टी ने मुद्दा उछाला और उधर दूसरे ने उसे लपका. इधर सवाल दाग़ा और उधर से आया जवाब. नया मसला, नए तर्क, नए जवाब. अब उधर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर एके-47 राइफ़लों की ख़रीद में धांधली का आरोप लगाया और इधर भारतीय जनता पार्टी ने आरोपों को ख़ारिज किया. न सिर्फ़ भाजपा बल्कि ख़ुद गृह मंत्रालय ने तत्परता दिखाई और जवाब दे डाला. 'आरोप ग़लत' भाजपा के प्रवक्ता विजय कुमार मल्होत्रा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हथियारों की ख़रीद की जो सामान्य प्रक्रिया है सरकार ने उसका पालन किया है. इससे पहले कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि हथियार ख़रीदने के लिए उस कंपनी का टेंडर पास किया गया जिसने क़ीमत सबसे ऊँची लगाई थी. इसके जवाब में भाजपा ने गृह मंत्रालय की ओर से जारी किया गया तथ्य पत्र पेश कर दिया. इसमें कहा गया है कि ये सौदा 53 करोड़ रुपए का था न कि 20 हज़ार करोड़ रुपए का जैसा कि आरोप लगाया गया है. जिस कंपनी का टेंडर सबसे कम बताया जा रहा है उसके बारे में इस पत्र में कहा गया है कि पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो के महानिदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति ने उसके राइफ़लों को मानदंडों पर खरा नहीं पाया. पत्र के अनुसार जिस कंपनी को ठेका दिया गया है वह पूरी तरह सरकारी कंपनी है और बुल्गारिया के दूतावास ने भी इस बात की पुष्टि की है. आरोप बरक़रार अब आरोप उठाकर अगर यूँ ही छोड़ दिया जाए तो फिर उठाने का क्या फ़ायदा?. तो कांग्रेस ने भी वही किया.
उसने मामला फिर उठाया और इस बार कहा कि भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का बेटा इस पूरी धांधली में शामिल है. पार्टी प्रवक्ता कपिल सिब्बल ने उन नेता का नाम तो नहीं बताया मगर ये ज़रूर कहा कि वह उनका नाम कुछ दिन बाद उजागर कर देंगे. पार्टी ने बयानों में संयम बरतने के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बयान पर भी निशाना साधा और कहा कि कुछ दिन पहले तक तो वाजपेयी कहते थे कि सोनिया गाँधी का विदेशी मूल का मुद्दा बहस का विषय नहीं है और अब वह उसे बहस का विषय बता रहे हैं. कांग्रेस का कहना था कि प्रधानमंत्री वाजपेयी तो बयान बदलते रहते हैं. पार्टी ने वाजपेयी पर भ्रष्टाचार की ओर से आँखें मूँदे रहने का भी आरोप जड़ा और कहा कि अब वह चाहे तहलका कांड हो, जूदेव रिश्वत कांड हो या बंगारू लक्ष्मण का मामला हो प्रधानमंत्री ने उदासीन रवैया ही रखा. कांग्रेस का कहना है कि भाजपा ने जो 'फ़ील गुड' का नारा दिया है उसकी तो हवा ही निकल चुकी है और अब भाजपा 'शाइनिंग इंडिया' से भी दूर हो रही है. पार्टी का कहना था कि भाजपा को अब नारों की तलाश करनी पड़ रही है. माकपा ने प्रति जारी की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने स्वतंत्रता आंदोलन में वामपंथियों की भूमिका पर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आरोपों का कड़ा प्रतिवाद किया है. साथ ही पार्टी ने वाजपेयी पर 1942 में क्रांतिकारियों को फँसाने का आरोप भी लगाया. पार्टी इन दिनों भाजपा के फ़ील गुड और भारत उदय के नारों की 'पोल खोलने' के अभियान में लगी है. इसी के तरह उसने रोज़ग़ार, खाद्य सुरक्षा, कृषि, बिजली, सड़क, पानी जैसे तमाम मसलों पर आँकड़े जारी किए हैं. अब तो चुनाव ने गर्मी पकड़नी शुरू की है अभी देखते जाइए कि चुनाव के इस पिटारे से अभी क्या-क्या सामने आने वाला है... |
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