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दिमाग़ खुला रखना होगा:मुफ़्ती सईद
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने कहा है कि कश्मीर मसले के समाधान के लिए ज़रूरी है कि भारत सरकार और कश्मीरी अलगाववादी नेता कोई भी बातचीत खुले दिमाग़ के साथ करें. भारत के उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने शुक्रवार को कहा था कि कश्मीरी अलगाववादियों से बातचीत करते समय देश की एकता और संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि कश्मीरी अलगाववादियों के साथ बातचीत का मुख्य बिंदु सत्ता के बँटवारे पर विचार करना होगा. मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने आडवाणी के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है, "बातचीत जब शुरु होती है तो उसके अपने दायरे होते हैं और ये दायरे पहले से तय करके समस्या का समाधान नहीं ढूंढा जा सकता." उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने हुर्रियत कान्फ्रेंस को बातचीत का जो न्यौता दिया है उसे ख़ाली नहीं निकलने देना चाहिए और सभी संबद्ध पक्षों को इस मौक़े का फ़ायदा उठाना चाहिए. प्रस्ताव ग़ौरतलब है कि भारत सरकार ने कश्मीरी अलगाववादियों से बातचीत करने के लिए बुधवार को अचानक लालृकृष्ण आडवाणी के नाम की घोषणा की थी. उसके बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ संबंध बेहतर बनाने के लिए कुछ क़दम उठाने की भी घोषणा की थी. आडवाणी ने शुक्रवार को भारतीय सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को कश्मीरी अलगाववादियों के साथ बातचीत करने में कोई एतराज़ नहीं है. "लेकिन देश की एकता और संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा." आडवाणी ने कहा कि भारत सरकार कश्मीरी अलगाववादियों के साथ दरअसल सत्ता के विकेंद्रीकरण के बारे में बातचीत करना चाहती है. |
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