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उपप्रधानमंत्री आडवाणी हुर्रियत से बातचीत करेंगे
केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस से बातचीत करेंगे. माना जाता है कि ये फ़ैसला केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की बैठक में लिया गया है. केंद्रीय गृह सचिव एन गोपालास्वामी ने पत्रकारों को यह जानकारी दी. इससे पहले केंद्रीय सरकार हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस की उच्चस्तरीय बातचीत की पेशकश को टालती आ रही थी. केंद्र सरकार का कहना था कि हुर्रियत नेताओं को कश्मीर के विभिन्न गुटों से बात कर रहे सेवानिवृत अधिकारी एनएन वोरा से बातचीत करनी चाहिए. पर्यवेक्षकों का मानना है कि अगर आडवाणी बातचीत करते हैं तो ये कश्मीर में शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है. हाल के वर्षों में अलगाववादी नेताओं और सरकार के बीच पहली उच्चस्तरीय बातचीत होगी. गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि हुर्रियत के किसी भी गुट से बातचीत हो सकती है. कुछ समय पहले हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस में फूट पड़ गई थी और अली शाह गिलानी ने अपना अलग गुट बना लिया था. फ़िलहाल इस बारे में जानकारी नहीं आई है कि बातचीत कब और कहाँ होगी. महत्वपूर्ण है कि इस स्तर पर बातचीत ऐसे समय में होगी जबकि हाल में भारतीय कश्मीर में चरमपंथ की घटनाएँ बढ़ गई हैं. |
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