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चरमपंथियों ने नागरिकों को ढाल बनाया
भारत प्रशासित कश्मीर में कुछ चरमपंथियों ने पुलवामा ज़िले में कुछ ग्रामीणों को सोमवार रात से बंधक बना रखा है. पुलिस महानिदेशक गोपाल शर्मा ने बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन को बताया है कि पुलिस स्थिति से इस तरह निपटने की योजना बना रही है ताकि ग्रामीणों को कोई नुक़सान न हो. गोपाल शर्मा का कहना था कि यह पहला मौक़ा है जब चरमपंथियों ने आम लोगों को बंधक बनाकर उन्हें ढाल के रूप में इस्तेमाल करने की रणनीति बनाई है. यह पूछे जाने पर कि पुलिस इस स्थिति से निपटने के लिए क्या रणनीति बना रही है, गोपाल शर्मा का कहना था, "ख़ुदा ही कोई रास्ता दिखाएगा." ग़ौरतलब है कि इससे एक दिन पहले सोमवार को श्रीनगर के पास बटमालू में चरमपंथियों के एक बम हमले में दो व्यक्ति मारे गए हैं और 50 से अधिक लोग घायल हो गए हैं. पुलिस का कहना संदिग्ध चरमपंथियों ने भारतीय सुरक्षाबलों को निशाना बना कर बटमालू के व्यस्त बस अड्डे पर एक ग्रेनेड फैंका था. लेकिन ये ग्रेनेड अपना निशाना चूक गया और सड़क पर फट गया. बंधक श्रीनगर के दक्षिण में पुलवामा ज़िले के एक गाँव में चरमपंथियों ने 12 नागरिकों को एक घर में बंधक बना लिया. पुलिस का कहना है कि थेरन नाम के गाँव में कुछ चरमपंथियों के छुपे होने की ख़बरें मिलने पर उसकी घेराबंदी की गई थी. पुलिस के अनुसार उस घर में एक परिवार के आठ सदस्य और चार चरमपंथी थे. घेराबंदी देखकर चरमपंथियों ने कुछ ग्रामीणों को बंधक बना लिया. इन बंधकों में गाँव के वे चार लोग भी शामिल थे जिन्हें पुलिस ने चरमपंथियों से बातचीत के लिए भेजा था. पुलिस का कहना है कि चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कोई भी अभियान शुरु करने से पहले बंधकों को छुड़ाने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए हैं. |
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