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पाकिस्तान की सतर्क प्रतिक्रिया, ब्रिटेन-अमरीका ख़ुश
पाकिस्तान से संबंध सुधारने की भारत की नई कोशिशों का अमरीका और ब्रिटेन ने तो स्वागत किया है मगर पाकिस्तान ने इसको लेकर सतर्क प्रतिक्रिया ज़ाहिर की है. भारत के विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने नए प्रस्तावों की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच और बसें चलाए जाने के साथ ही हवाई और रेल संबंध बहाल करने पर भी विचार होगा. इसके अलावा दोनों के बीच खेल संबंध सुधारने की बात भी कही गई है. मगर पाकिस्तान चाहता है कि जल्दी से जल्दी बातचीत शुरू हो इसलिए उसने इन नई कोशिशों के प्रति सतर्क प्रतिक्रिया ज़ाहिर करते हुए कहा है कि चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ना मामले को तूल देने की कोशिश है. पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "एक चीज़ कहे बिना मैं नहीं रह सकता कि ये जो एक-एक कदम आगे बढ़ने का रवैया है ये मामले तो तूल देने की कोशिश है." उनका कहना था, "अगर बातचीत शुरू हो तो वो तमाम मामलों में होगा." उधर ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ और अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भारत की इन नई कोशिशों का स्वागत किया है. अधिक उत्साह नहीं कसूरी ने भारत की इन कोशिशों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हम सकारात्मक रवैया रखना चाहते हैं और हमारा यही कहना है कि हमने इन प्रस्तावों को देख लिया है."
उनका कहना था कि भारत दुनिया को ये दिखाना चाहता है जैसे वो कोई बहुत महत्त्वपूर्ण छूट दे रहा है. उन्होंने ख़ुद भी इस बात को स्वीकार किया कि वो बहुत उत्साही नहीं दिख रहे हैं और इसकी वजह बताते हुए कहा, "अगर मैं उत्साहित नहीं दिख रहा तो इसलिए कि उनकी नीतियों का हमें कुछ अंदाज़ा तो मिलता नहीं." कसूरी ने पिछले दिनों दोनों देशों की ओर से गए संसदीय प्रतिनिधिमंडलों का उल्लेख करते हुए कहा की भारतीय प्रतिनिधिमंडल का पाकिस्तान में ज़ोरदार स्वागत हुआ जबकि पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत सरकार ने उत्साहपूर्ण रवैया नहीं दिखाया. ब्रिटेन और अमरीका ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने प्रेस को जारी किए बयान में कहा, "मैं इस बयान का गर्मजोशी से स्वागत करता हूँ." उनका कहना था, "इन क़दमों से भारत और पाकिस्तान के बीच विश्वास और बढ़ेगा." स्ट्रॉ ने बयान में कहा, "मैं उम्मीद करता हूँ कि दोनों सरकारें संबंध सामान्य करने की दिशा में काम करती रहेंगी और कश्मीर सहित सभी विवाद सुलझा लेंगी." उधर वॉशिंगटन में अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता एडम इरेली ने भी प्रस्तावों का स्वागत किया. उन्होंने कहा, "भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेद दूर करने और वास्तविक प्रगति की नींव रखने में ये एक महत्त्वपूर्ण क़दम है." |
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