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'बड़े परमाणु या जैविक हमले की संभावना' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी संसद यानी कांग्रेस के एक आयोग ने कहा है कि अगले पाँच साल में किसी बड़े शहर पर परमाणु या फिर जैविक हथियारों का इस्तेमाल करते हुए हमला हो सकता है. ग्यारह सितंबर 2001 को अमरीका पर हुए हमलों के बाद सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार और आतंकवाद के रोकथाम के लिए आयोग का गठन किया गया था. इस आयोग ने ऐसे हमले की संभावना जताई है और नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बराक ओबामा से अनुरोध किया है कि वे ख़तरा कम करने के बारे में निर्णायक कार्रवाई करें. 'रास्ते पाकिस्तान से गुज़रते हैं' बीबीसी संवाददाता जोनाथन बील का कहना है कि रिपोर्ट के अनुसार अमरीका की सुरक्षा का दायरा घट रहा है, बढ़ नहीं रहा. रिपोर्ट में कहा गया है - "अमरीका और बाक़ी की दुनिया को ख़तरा असफल हुए देशों से है. ये ख़तरा परमाणु और जैविक हथियारों की तस्करी और हथियारों के बारे में जानकारी के फैलाव से भी है." इस आयोग की रिपोर्ट में पाकिस्तान को ऐसा देश बताया गया है जिसके बारे में ख़ासी चिंता है. रिपोर्ट में कहा गया है - "यदि आप आतंकवाद का नक्शा बनाए और सामूहिक विनाश के हथियार की बात करें तो सभी रास्ते पाकिस्तान से होकर गुज़रते नज़र आएँगे." रिपोर्ट के अनुसार - "सबसे ज़्यादा ख़तरा जैविक हथियारों से है. अमरीका को इस बात की चिंता नहीं होनी चाहिए कि आतंकवादी जीव वैज्ञानिक बन जाएँगे, बल्कि इस बात की ज़्यादा चिंता होनी चाहिए कि जीव वैज्ञानिक आतंकवादी बन जाएँगे." इस रिपोर्ट को बनाने में शामिल एर पूर्व डेमोक्रेट सीनेटर बॉब ग्रेहम का कहना था, "ये ख़तरा इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि अमरीका के दुश्मन बहुत तेज़ी से सामूहिक विनाश के हथियारों तक पहुँचने का काम कर रहे हैं. समय अमरीका के साथ नहीं है और अमरीका को और तेज़ी से कदम उठाने की ज़रूरत हैं." इस आयोग की सिफ़ारिश है कि ख़ुफ़िया एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर बनाने और जानकारी उपलब्ध कराने के लिए बराक ओबामा को एक वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करना चाहिए ताकि परमाणु और जैविक हथियारों का ख़तरा टाला जा सके. |
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