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9/11 हमलों का टेलीफ़ोन कॉल विवरण | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
11 सितंबर 2001 को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड टॉवर पर हुए हमले के बाद आपात सेवाओं को लोगों ने जो टेलीफ़ोन किए थे, पहली बार उनका विवरण बार जारी किया गया है. इस विवरण में इस बात का अंदाज़ा होता है कि आपात सेवाओं ने ट्रेड टॉवर में फँसे लोगों की टेलीफ़ोन कॉल्स पर क्या प्रतिक्रिया दी. हालाँकि इस रिकॉर्ड में उन लोगों की टेलीफ़ोन कॉल्स का विवरण नहीं दिया गया है जिन्होंने हमले के बाद ट्रेड सेंटर से आपातसेवाओं को की थीं बल्कि टेलीफ़ोन ऑपरेटरों की प्रतिक्रिया को दिखाया गया है. यह विवरण न्यूयॉर्क टाइम्स अख़बार और प्रभावितों के संगठन की एक क़ानूनी याचिका पर जारी किया गया है. अख़बार ने 2002 में सूचना प्राप्ति के अधिकार के तहत यह विवरण जारी करने की माँग की थी और जब न्यूयॉर्क प्रशासन ने विवरण जारी करने से इनकार कर दिया तो अख़बार ने अदालत का सहारा लिया था. विवरण मांगने वालों ने उम्मीद ज़ाहिर की थी कि इससे पता चल सकेगा कि हमले के बाद ट्रेड सेंटर के भीतर क्या हुआ और क्या ऑपरेटरों ने प्रभावितों के साथ ख़राब बर्ताव तो नहीं किया. 11 सितंबर के हमलों की जाँच करने वाली एक कांग्रेस समिति ने 2004 में कहा था कि बहुत से ऑपरेटर यह नहीं जानते थे कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के टॉवरों पर हमला हो चुका है इसलिए वहाँ जो लोग वहाँ फँसे हुए थे उन्हें समुचित जानकारी नहीं दी जा सकी. बहुत सी कॉल्स! लगभग 130 टेलीफ़ोन कॉल्स का आंशिक विवरण जारी किया गया है जो हमला होने के बाद टॉवरों में स्थिति दफ़्तरों से की गई थीं. उस हमले में 2749 लोगों की मौत हुई थी. एक टेलीफ़ोन कॉल में बताया गया था कि इमारत के ऊँचे माले से लटक रहा है जिसके जवाब में दमकल ऑपरेटर ने कहा था, "ठीक है, हमारे पास काफ़ी टेलीफ़ोन कॉल्स आ रही हैं." एक अन्य घटना में ऑपरेटर ने याद करते हुए कहा कि एक व्यक्ति ने टॉवर की 103वीं मंज़िल से टेलीफ़ोन किया था और कहा था, "धुआँ इमारत में भरता जा रहा है जिसकी वजह से लोगों का दम घुट रहा है... यहाँ बहुत से लोग हैं और ऐसा लगता है कि वे लोग यहाँ फँस चुके हैं." उस हादसे के एक प्रभावित व्यक्ति क्रिस्टोफ़र हैनली के माता-पिता ने हैनली के टेलीफॉन कॉल का विवरण जारी किया है जो उन्होंने हमला होने के चार मिनट बाद की थी. इसमें हैनली को कहते हुए सुना गया है, "हेलो, मैं वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की 106वीं मंज़िल पर हूँ. यहाँ 105वीं मंज़िल पर विस्फोट हुआ है. यहाँ बहुत धुआँ भर गया है और दम घुटने लगा है." | इससे जुड़ी ख़बरें नए ट्रेड सेंटर की तैयारी20 सितंबर, 2002 | पहला पन्ना न्यूयॉर्क डायरी: आख़िरी सवाल16 सितंबर, 2002 | पहला पन्ना न्यूयार्क डायरी: नहले पे दहला13 सितंबर, 2002 | पहला पन्ना मलबा आया काम में11 सितंबर, 2002 | पहला पन्ना अमरीकी अख़बारों में 11 सितंबर 11 सितंबर, 2002 | पहला पन्ना अमरीका शोक में11 सितंबर, 2002 | पहला पन्ना न्यूयॉर्क डायरीः आँखें हुईं नम10 सितंबर, 2002 | पहला पन्ना अमरीका में अभूतपूर्व सुरक्षा 10 सितंबर, 2002 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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