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रविवार, 02 नवंबर, 2008 को 05:36 GMT तक के समाचार
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'पाकिस्तान के लिए बड़ा ख़तरा चरमपंथी'
बराक ओबामा
ओबामा हमेशा से कहते रहे हैं कि इराक़ से अधिक ज़रुरी अफ़गानिस्तान की लड़ाई है
अमरीकी राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेट उम्मीदवार बराक ओबामा का कहना है कि पाकिस्तान के लिए भारत से बड़ा खतरा पाकिस्तान की सीमा में रहने वाले चरमपंथी हैं.

शनिवार को अमरीकी टीवी चैनल सीएनएन के साथ एक साक्षात्कार में ओबामा ने कहा कि ये ज़रुरी है कि अमरीका पाकिस्तान की 'भंगुर लोकतांत्रिक सरकार' को ये समझाए कि उसके लिए 'बड़ा खतरा' उसके आतंकवादी हैं न कि भारत.

यह पूछे जाने पर कि क्या वो इस बात से चिंतित हैं कि पाकिस्तान की नई सरकार के लिए अल क़ायदा बड़ी मुश्किलें खड़ी कर रहा है, उनका कहना था, ''मैं इस तथ्य से बेहद चिंतित हूं. ''

ओबामा का कहना था, '' पाकिस्तान में एक ऐसी लोकतांत्रिक सरकार है जिसकका आधार बहुत मज़बूत नहीं है. हमें लोकतांत्रिक व्यवस्था को मज़बूत करने के उनके प्रयासों को समर्थन देना होगा.''

उनका कहना था, '' हमें पाकिस्तान को न केवल सैन्य सहायता देनी होगी बल्कि ग़रीबी और अशिक्षा से मुक़ाबला करने में भी उनकी मदद करनी होगी यानी गैर सैन्य सहायता भी देनी होगी. ''

ओबामा ने साफ़ कहा कि 'अमरीका के लिए यह भी ज़रुरी है कि वो पाकिस्तान को ये समझाए कि उसके लिए इस समय सबसे बड़ा ख़तरा भारत नहीं है बल्कि उन्हीं की सीमाओं में रह रहे आतंकवादी हैं जो सदियों से पाकिस्तान सरकार के ख़िलाफ़ रहे हैं.'

डेमोक्रेट उम्मीदवार के अनुसार अगर पाकिस्तान इन चरमपंथियों से निपटने पर ध्यान केंद्रित करेगा तो न केवल इससे पाकिस्तान को फ़ायदा होगा बल्कि अफ़गानिस्तान में अमरीकी उद्देश्य भी पूरा हो सकेगा.

उनका कहना था, '' यह एक बड़ी समस्या रहा है हमारी पुरानी नीति में. बहुत विरोध के बाद राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को मदद देने पर हम राज़ी हुए और उन्होंने लोकतंत्र को फलने फूलने नहीं दिया.''

अफ़गानिस्तान के बारे में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का कहना था कि वहां अमरीका का अभियान अभी जारी रहने की उम्मीद है क्योंकि ओसामा का पकड़ा जाना अभी बाकी है ताकि अल क़ायदा पर पूरी तरह नियंत्रण किया जा सके.

इराक़ के बारे में अपने विचार प्रकट करते हुए ओबामा ने कहा कि अगर वहां से अमरीकी सेनाएं वापस आती हैं तो अमरीका सीधे सीधे 12 अरब डॉलर बचा सकेगा.

उनका कहना था,'' इराक़ युद्ध में काफ़ी कुछ बचा सकते हैं. इसे तुरंत बंद नहीं किया जा सकता. मैंने पहले भी कहा है कि वहां से धीरे धीरे सेनाएं वापस आनी चाहिए. वहां हमारे सैनिक निशाना बन रहे हैं लेकिन फिर भी वहां से एकाएक वापस आना संभव नहीं है.''

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