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'सद्दाम की जेल डायरी' के अंश प्रकाशित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक अरब अख़बार ने इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन की कथित डायरी के अंश प्रकाशित किए हैं. दावा किया गया है कि यह डायरी उन्होंने तब लिखी थी जब वे जेल में थे. जो अंश अल-हयात में प्रकाशित हुए हैं, उससे लगता है कि वह एक ऐसे व्यक्ति के बारे में लिखी हुई बातें हैं जिसने किसी ऐतिहासिक नेता की तरह कभी ख़ुद पर भरोसा करना बंद नहीं किया. अल-हयात का कहना है कि उसने ये अंश हस्तलिखित डायरी से प्रकाशित किए हैं जो पाँच बड़े खंडों में है. सद्दाम हुसैन को वर्ष 2003 में सत्ता से हटा दिया गया था और तीन साल बाद उन्हें फाँसी दे दी गई थी. पछतावा नहीं अख़बार के अनुसार डायरी के कुछ पन्नों में हस्ताक्षर किया गया है, "सद्दाम हुसैन, राष्ट्रपति और सेना के कमांडर इन चीफ़." डायरी में जिस भाषा का इस्तेमाल किया गया है उससे लगता है मानो वो राष्ट्र को संबोधित कर रहे हों. वो अपने संबोधन में इराक़ियों से कहते हैं, जैसा कि वे अपने कार्यकाल में किया करते थे, कि उन्हें एकजुट हो जाना चाहिए और अमरीकी फ़ौज से मुक़ाबला किया जाना चाहिए. वे बार-बार क़ुरान का उदाहरण देते हैं और लिखते हैं कि इराक़ और अरब के लोगों को इसराइल से ज़्यादा ख़तरा ईरान से है. दूसरी ओर वे प्रेम कविताएँ लिखते हैं, जो किसी अज्ञात स्त्री के लिए लिखी हुई है. अपने स्वास्थ्य के बारे में भी वे कुछ दुनियावी विवरण देते हैं. उन्हें डर लगता है कि यदि उनके कपड़े अमरीकी सैनिकों के कपड़ों के साथ सुखाए जाएंगे तो उन्हें एचआईवी संक्रमण हो सकता है. लेकिन जो अंश प्रकाशित किए गए हैं उसमें कहीं भी सद्दाम हुसैन के भीतर पछतावे का कोई भाव दिखाई नहीं देता. | इससे जुड़ी ख़बरें सद्दाम की फाँसी के तरीक़े से चिंतित बुश05 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना सद्दाम हुसैन के जीवन के अहम पड़ाव30 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम हुसैन के आख़िरी क्षण का वीडियो 30 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़: अब सद्दाम के बाद क्या?30 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना 'फाँसी दी गई तब सो रहे थे बुश'30 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना उतार-चढ़ाव भरे जीवन का अंत30 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना 'इराक़ के लिए बलिदान देने को तैयार हूँ'27 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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