|
ब्रिटेन और विपक्ष की आलोचना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ज़िम्बाब्वे के स्वाधीनता दिवस पर राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे ने विपक्ष और ब्रिटेन पर निशाना साधा है. विवादित चुनाव के बाद अपने पहले संबोधन में उन्होंने ज़िम्बाब्वे के मानवाधिकार रिकॉर्ड और राजनीतिक प्रक्रिया का बचाव किया. राष्ट्रपति मुगाबे ने राजधानी हरारे के स्टेडियम में हज़ारों दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग ज़िम्बाब्वे की जनता को सरकार के ख़िलाफ़ भड़का रहे हैं उनकी उपेक्षा की जानी चाहिए. उन्होंने कहा, "पहले वे हमारे लोगों का दमन करने के लिए बलप्रयोग करते थे, हमारे संसाधनों को लूटते थे, लेकिन आज वे अपनी चालों में और निपुण हो गए हैं. उन्होने धन को अपना हथियार बनाया है और वो सरकार के ख़िलाफ़ लोगों को ख़रीद रहे हैं." बीबीसी संवाददाता का कहना है कि आमतौर पर 18 अप्रैल ज़िम्बाब्वे में आज़ादी के जश्न का दिन होता है, लेकिन इस साल देश में भय और अनिश्चितता का माहौल है. विपक्ष का दावा है कि जब से चुनाव हुए हैं सरकारी तंत्र की हिंसा में बढ़ोतरी हुई है और राष्ट्रपति पद के चुनाव के नतीजे अब तक घोषित नहीं किए गए हैं. विपक्ष के नेता मॉरगन चंगिराई ने कहा कि कई मायनों में आज का दिन सबसे दुखद दिन है. लोग भूखों मर रहे हैं और महंगाई आसमान छू रही है. निशाना लेकिन राष्ट्रपति मुगाबे ने इस मौक़े पर न महंगाई की बात की न बेरोज़गारी की. उन्होने इस अवसर पर फिर ब्रिटेन पर निशाना साधा. मुगाबे ने कहा, "हमारा राजनीतिक इतिहास सबको मालूम है लेकिन समय बीतने के साथ उसे याद रखना भी बहुत ज़रूरी है. ख़ासतौर से उन लोगों के लिए जिन्हे उसकी जानकारी नहीं है या जो जानबूझकर आज़ादी से पहले के दिन लौटा लाना चाहते हैं. 18 अप्रैल 1980 को इस देश की जनता के लंबे संघर्ष के बाद हमारा महान देश रंगभेदी ब्रिटिश सत्ता की बेड़ियां तोड़ कर आज़ाद हुआ था." राष्ट्रपति मुगाबे ने हाल में हुए चुनावों का कोई ज़िक्र नहीं किया न ही ये बताया कि राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे क्यों घोषित नहीं किए जा रहे. उन्होंने ये ज़रूर कहा कि भूमि सुधार कार्यक्रम को किसी क़ीमत पर लौटाया नहीं जाएगा. गोरे किसानों को कभी उनकी ज़मीन हथियाने का मौक़ा नहीं मिलेगा. भाषण का समापन करते हुए उन्होने देशवासियों को आश्वासन दिलाया कि ज़िम्बाब्वे हमेशा आज़ाद रहेगा. मुगाबे ने कहा, "ज़िम्बाब्वे आज़ाद है क्यों कि यहां के लोग आज़ाद हैं और उन्हे हमेशा आज़ाद रहना चाहिए. ज़िम्बाब्वे कभी किसी का उपनिवेश नहीं बनेगा." इस बीच चीन के एक मालवाहक जहाज़ को लेकर विवाद जारी है जिसमें भारी हथियार लदे हैं और जो ज़िम्बाब्वे जा रहा है. इस समय वह दक्षिण अफ़्रीका के डरबन बंदरगाह पर रुका हुआ है. दक्षिण अफ़्रीका की सरकार का कहना है कि वह इस मामले में दख़ल नहीं कर सकती. | इससे जुड़ी ख़बरें 'मुगाबे को हटाने पर सहमति बनी थी'18 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना ज़िम्बाब्वे की 23 सीटों पर दोबारा गणना13 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना मुगाबे सरकार चाहती है पुनर्मतगणना06 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना पुलिस ने वकीलों को कोर्ट जाने से रोका 05 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना विपक्ष ने लगाए मुगाबे पर गंभीर आरोप05 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना 'ज़िम्बाब्वे में दोबारा हो सकता है मतदान'02 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना 28 साल बाद हारी मुगाबे की पार्टी02 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना ज़िम्बाब्वे में चुनाव: मुगाबे को चुनौती29 मार्च, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||