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शनिवार, 05 अप्रैल, 2008 को 11:36 GMT तक के समाचार
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पुलिस ने वकीलों को कोर्ट जाने से रोका
वकील
ज़िम्बाब्वे में विपक्षी पार्टी के वक़ील को हाई कोर्ट में जाने नहीं दिया गया
ज़िम्बाब्वे में मुख्य विपक्षी पार्टी एमडीसी ने कहा है कि राष्ट्रपति चुनाव में आधिकारिक नतीजे जारी करवाने के लिए वो अदालत का दरवाज़ा खटखटा रही है.

लेकिन पार्टी के मुताबिक पुलिस ने विपक्षी दल के वकीलों को हरारे हाई कोर्ट में प्रवेश करने से ही रोक दिया है.

मूवमेंट फ़ॉर डेमोक्रेटिक चेंज यानी एमडीसी पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि दल चाहता है कि अगर कोर्ट आदेश देता है तो चुनाव आयोग इसके चार घंटे के अंदर-अंदर नतीजे जारी करे.

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील भी की है.

पार्टी का मानना है कि विपक्षी नेता मॉर्गन चांगिरई ने चुनाव में राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे को हरा दिया है.

एमडीसी प्रवक्ता ने एएफ़पी को बताया कि पार्टी हर संभव कोशिश कर रही है ताकि शनिवार को हरारे हाई कोर्ट में याचिका की सुनवाई करवा सके.

उधर शुक्रवार को रॉबर्ट मुगाबे की सत्ताधारी पार्टी ने कहा कि अगर राष्ट्रपति पद के लिए दूसरे दौर का चुनाव होता है तो वो अपने नेता का समर्थन करेगी.

इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि अगर दूसरे चरण का मतदान होता है तो रॉबर्ट मुगाबे लड़ना नहीं चाहेंगे.

हिंसा की आशंका

 अगर दूसरे चरण का मतदान हुआ तो सत्ताधारी पार्टी इसे बदला लेने का बहाना बना लेगी. वो 2000 के जनमतसंग्रह में हार गए थे. उसके बाद जो हिंसा हुई वो सबने देखी. हम लोग इससे बचना चाहते हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद चाहेंगे
नेल्सन चामीसा

संवाददाताओं का कहना है कि अगर रन-ऑफ़ चुनाव होता है तो इससे हिंसा फिर भड़क सकती है. ये चुनाव तीन-चार हफ़्तों के अंदर हो सकता है.

एमडीसी नेता नेल्सन चामीसा के मुताबिक, "अगर दूसरे चरण का मतदान हुआ तो सत्ताधारी पार्टी इसे बदला लेने का बहाना बना लेगी. वो 2000 के जनमतसंग्रह में हार गए थे. उसके बाद जो हिंसा हुई वो सबने देखी. हम लोग इससे बचना चाहते हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद चाहेंगे."

एमडीसी के मुताबिक मॉर्गन चांगिरई को 53 फ़ीसदी वोट मिले हैं और राष्ट्रपति बनने के लिए उन्हें न्यूनतम 50 फ़ीसदी वोट चाहिए.

जब एक अन्य अनुमान के अनुसार मॉर्गन चांगिरई को 49 फ़ीसदी वोट मिले हैं.

सत्ताधारी ज़ानु-पीएफ़ ने कहा है कि वो 16 सीटों पर दोबारा गिनती करवाना चाहती है.

वर्ष 2002 में हुए चुनाव में रॉबर्ट मुगाबे पर आरोप लगे थे कि उन्होंने चुनाव में धांधली करवाई. उसके बाद कई पश्चिमी देशों ने ज़िम्बाब्वे पर प्रतिबंध लगा दिए थे.

वहीं दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति थाबो एम्बेकी ने कहा है कि अभी ज़िम्बाब्वे में अंतरराष्ट्रीय क़दम उठाने का समय नहीं है. उनका कहना था कि अभी चुनाव के नतीजों का इंतज़ार किया जाना चाहिए.

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