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मुगाबे सरकार चाहती है पुनर्मतगणना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ज़िम्बाब्वे में सरकार ने पिछले हफ़्ते हुए राष्ट्रपति चुनाव के मतों की गणना एक बार फिर से करवाने का अनुरोध किया है. सरकार का कहना है कि पिछली बार मतों की गणना में कुछ गड़बड़ियाँ हो गई थीं. सरकार का यह अनुरोध ऐसे समय में आया है जब अटकलें लगाई जा रही थीं कि राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे दोबारा चुनाव के आदेश दे सकते हैं. हालांकि चुनाव परिणाम अभी तक घोषित नही किए गए हैं. इससे पहले मुख्य विपक्षी नेता मॉर्गन चांगिराई ने राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे पर आरोप लगाया था कि वे दोबारा चुनाव के नाम पर जनता के ख़िलाफ़ 'युद्ध की तैयारी' कर रहे हैं. उन्होंने कहा था कि दोबारा राष्ट्रपति चुनाव की स्थिति को देखते हुए मुगाबे सैनिकों और हथियार बंद लड़ाकों की तैनाती कर रहे हैं ताकि मतदाताओं को भयभीत किया जा सके. चांगिराई दावा करते रहे हैं कि पिछले हफ़्ते हुए चुनावों में उनकी जीत हुई है. उन्होंने अपील की है कि रॉबर्ट मुगाबे बातचीत के लिए राज़ी हो जाएँ जिससे कि सत्ता के लोकतांत्रिक हस्तांतरण का कार्य शांतिपूर्ण ढंग से निपट सके. इस बीच ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने दोहराया है कि राष्ट्रपति चुनाव के पूरे परिणाम बिना किसी विलंब के घोषित किए जाने चाहिए. संसदीय चुनाव के परिणाम उधर ज़िम्बाब्वे के चुनाव आयोग ने शनिवार को संसद के उच्च सदन के अंतिम चुनाव परिणामों की घोषणा कर दी है. इसके अनुसार रॉबर्ट मुगाबे की ज़ानू-पीएफ़ पार्टी को 30 सीटें मिली हैं जबकि संयुक्त विपक्ष ने भी इतनी ही सीटें जीती हैं. संसद के निचले सदन में विपक्षी दलों ने 109 सीटें जीती हैं जबकि ज़ानू-पीएफ़ को 97 सीटों पर जीत हासिल हुई है. 1980 में ब्रिटेन से मिली आज़ादी के बाद पहली बार है जब रॉबर्ट मुगाबे की पार्टी को संसदीय चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है और उसने संसद में अपना बहुमत खो दिया है. हालांकि ज़िम्बाब्वे में राष्ट्रपति के पास ज़्यादा अधिकार होते हैं और अभी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे घोषित नहीं किए गए हैं. विपक्षी दावा कर रहे हैं कि राष्ट्रपति चुनाव में भी रॉबर्ट मुगाबे की हार हुई है हालांकि सरकार की ओर से आए बयान में कहा गया है कि किसी को भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. और अब सरकार की ओर से मतों की फिर से गिनती करवाने का अनुरोध किया गया है. नियमानुसार राष्ट्रपति पद के लिए विजयी होने वाले उम्मीदवार को कम से कम 50 प्रतिशत मत हासिल करना ज़रुरी होता है. चुनौती राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे घोषित न करने के चुनाव आयोग के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अदालत जाकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे चांगिराई के वकीलों को शनिवार को पुलिस ने हाईकोर्ट में घुसने से रोक दिया था.
हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई को रविवार तक के लिए टाल दिया था क्योंकि चुनाव आयोग ने अपना पक्ष रखने के लिए और समय की माँग की थी. इसके बाद मॉर्गन चांगिराई ने कहा था कि उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के लिए आवश्यक 50 प्रतिशत से ज़्यादा मत हासिल कर लिए हैं और दोबारा चुनाव की ज़रुरत ही नहीं है. मूवमेंट फ़ॉर डेमोक्रेटिक चेंज (एमडीसी) के नेता चांगिराई ने आशंका जताई थी, "यदि दोबारा चुनाव हुए तो जनता की जीत को पलटने के लिए हिंसा का सहारा लिया जाएगा." उन्होंने आरोप लगाए थे कि चुनाव के दौरान घूस देने और सरकारी हिंसा के लिए धन जुटाने के लिए सेंट्रल बैंक मुद्राएँ छाप रहा है. उन्होंने बातचीत की अपील करते हुए रॉबर्ट मुगाबे से अपील की, "अपने दिमाग को आराम दीजिए, नया ज़िम्बाब्वे आपकी सुरक्षा की गारंटी देता है." विपक्षी दलों के बयान पर ज़िम्बाब्वे के सूचना और प्रसारण उपमंत्री ब्राइट मैंगोटा ने आरोप लगाया था कि अंतरराष्ट्रीय सहानुभूति हासिल करने के लिए विपक्ष झूठे और दुर्भावनापूर्ण प्रचार कर रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें पुलिस ने वकीलों को कोर्ट जाने से रोका 05 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना 'ज़िम्बाब्वे में दोबारा हो सकता है मतदान'02 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना 28 साल बाद हारी मुगाबे की पार्टी02 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना ज़िम्बाब्वे में चुनाव: मुगाबे को चुनौती29 मार्च, 2008 | पहला पन्ना मॉर्गन चांगिरई सघन निगरानी में14 मार्च, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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