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सुरक्षा: चेनी ने किया इसराइल का समर्थन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी उपराष्ट्रपति डिक चेनी ने फ़लस्तीनी नेताओं से प्रस्तावित बातचीत से पहले इसराइल के प्रति समर्थन जताया है. उन्होंने कहा है कि अमरीका इसराइल पर कभी भी ऐसा कोई दबाव नहीं डालेगा जिससे कि उसकी सुरक्षा ख़तरे पर आँच आती हो. इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट के साथ एक संयुक्त पत्रवार्ता को संबोधित करते हुए डिक चेनी ने कहा कि इसराइल की सुरक्षा को अमरीका का समर्थन 'अडिग' है. अमरीकी उपराष्ट्रपति चेनी रविवार को पश्चिमी तट के शहर रामल्ला जाने वाले हैं जहाँ उनकी मुलाक़ात फ़लस्तीनी नेताओं से होनी है. शांति प्रयास डिक चेनी ने फ़लस्तीनी राष्ट्र बनाने के प्रति अमरीका की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि फ़लस्तीनी नेता 'अमरीका की सदइच्छाओं पर' भरोसा कर सकते हैं. उन्होंने कहा, "हम विवाद का हल चाहते हैं, आतंकवाद ख़त्म होना चाहिए, जिसने इसराइलियों को बहुत पीड़ा पहुँचाई है, अब फ़लस्तीनी लोगों के लिए एक नई शुरुआत होनी चाहिए." अमरीकी उपराष्ट्रपति ने कहा, इतिहास बताता है कि शांति स्थापना के लिए जह भी ऐसे अरब नेताओं से बातचीत हुई, जो 'इसराइल को मान्यता देने को और अपने वादे पूरे करने' को तैयार हों, तो 'इसराइल बड़े राष्ट्रीय त्याग करने को तैयार' रहा है. इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा था कि वे जनवरी में अपना कार्यकाल ख़त्म होने से पहले शांति समझौता हो जाने की उम्मीद कर रहे हैं. डिक चेनी और ओल्मर्ट दोनों ने ही इस क्षेत्र में तनाव का ज़िक्र किया. इसराइल पहुँचने के बाद डिक चेनी ने कहा, "गज़ा, लेबनान, सीरिया और ईरान में जो परिस्थितियाँ हैं उससे अनदेखा नहीं किया जा सकता क्योंकि वहाँ जो ताक़तें हैं वो दुनिया की उम्मीदों पर पानी फेरने की कोशिशें कर रही हैं." उधर फ़लस्तीनी गुट हमास के प्रवक्ता फ़ाउज़ी बरहोम ने डिक चेनी के बयान को 'पूर्वाग्रही और इसराइली अधिपत्य का समर्थन करने वाला' बताया है. बीबीसी के यरुशलम संवाददाता टिम फ़्रैंक का कहना है कि इसराइली और फ़लस्तीनी दोनों शांति को लेकर संशय में हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें ग़ज़ा पर इसराइल के हवाई हमले13 मार्च, 2008 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी फिर वार्ता शुरु करें: राइस04 मार्च, 2008 | पहला पन्ना ग़ज़ा हमले के बाद इसराइल के विकल्प?03 मार्च, 2008 | पहला पन्ना ग़ज़ा पर हमले, 52 फ़लस्तीनी मारे गए01 मार्च, 2008 | पहला पन्ना हज़ारों गज़ा निवासी मिस्र में घुसे23 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना शांति के मुद्दे पर बातचीत शुरू14 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना कार्यकाल में ही हो जाएगा समझौता: बुश10 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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