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हज़ारों गज़ा निवासी मिस्र में घुसे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गज़ा पट्टी में रहने वाले दसियों हज़ार फ़लस्तीनी मिस्र की सीमा में जा घुसे हैं. इस सीमा पर बनी दीवार को चरमपंथियों ने तोड़ दिया था. गज़ा निवासी मिस्र में इसलिए गए हैं ताकि वे खाना, ईंधन और दूसरी आवश्यक चीज़ें ख़रीद सकें. उल्लेखनीय है कि फ़लस्तीनियों की ओर से हो रहे हमलों को रोकने के लिए इसराइल ने इन चीज़ों की आपूर्ति रोक रखी है. फ़लस्तीनियों के मिस्र में घुस जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अधिकारियों ने कहा है कि वे फ़लस्तीनियों को वापस जाने के लिए बाध्य नहीं करेंगे. जबकि इसराइल ने माँग की है कि मिस्र को अपनी सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था बहाल की जाए. पिछले साल जून से गज़ा पर हमास का कब्ज़ा है. लाखों लोग एक इसराइली अख़बार ने दावा किया है कोई साढ़े तीन लाख लोग मिस्र की सीमा में जा चुके हैं. अधिकारियों का कहना है कि ज़्यादातर लोग वहाँ खाना और ईंधन ख़रीदने के लिए गए है. अँधेरा ढलने तक ख़बर आ रही थी कि हज़ारों परिवार अभी भी सीमा पार कर रहा था. हालांकि अभी यह पता नहीं चला है कि मिस्र की सीमा से पार गए कितने परिवार वहीं रुक जाएँगे. इसराइल माँग कर रहा है कि मिस्र को अपनी सीमा फिर से सील करनी चाहिए तो मिस्र की प्रतिक्रिया एकदम अलग है. मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक़ ने कहा है कि उन्होंने सीमा पर तैनात सेना से कहा है कि वे फ़लस्तीनियों को मिस्र की सीमा में आने दें ताकि वो लोग जाकर खाना ख़रीद सकें. इस बीच हमास के नेता इस्माइल हानिया ने मिस्र और दूसरे फ़लस्तीनी गुट के साथ बातचीत की ज़रुरत बताई है. | इससे जुड़ी ख़बरें इसराइल ने ग़ज़ा चौकी बंद की18 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना शांति के मुद्दे पर बातचीत शुरू14 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना कार्यकाल में ही हो जाएगा समझौता: बुश10 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना इसराइली टैंक ग़ज़ा में घुसे11 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना फ़तह के बंदूकधारियों ने संसद पर धावा बोला16 जून, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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