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इसराइल ने ग़ज़ा चौकी बंद की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल ने ग़ज़ा पट्टी को जाने वाले रास्ते पर सीमा चौकी को बंद कर दिया है और कहा है कि ऐसा हमास के नियंत्रण वाले क्षेत्र से इसराइली शहरों पर हुए कई रॉकेट हमलों के बाद किया गया है. ग़ज़ा पट्टी में फ़लस्तीनी शरणार्थियों को खाद्य सहायता मुहैया कराने वाली संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी ने कहा है कि सीमा चौकी बंद किए जाने के बाद वह राहत सामग्री लोगों तक नहीं पहुँचा सकी है. सीमा चौकी ऐसे समय बंद की गई है जब ग़ज़ा पट्टी में इसराइली हवाई हमले में कम से कम एक चरमपंथी को मारने का दावा किया गया है. उस हमले में अनेक लोग घायल बी हुए हैं. अनेक अधिकारियों ने कहा है कि इसराइली शहरों पर रॉकेट दागे गए हैं. इसराइली सैनिकों ने पश्चिमी तट के शहर नैबलूस में अल अक्सा शहीदी ब्रिगेट का एक चरमपंथी भी मार दिया है. इसराइली सेना ने इस सप्ताह ग़ज़ा पट्टी में अपने अभियान और तेज़ कर दिए हैं और इसराइल के हवाई हमलों में कम से कम 32 फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं. फ़लस्तीनी संगठन हमास ने कई महीनों में पहली बार कुछ रॉकेट इसराइली शहरों में दागे हैं जिनमें अनेक लोग घायल हुए हैं. हिंसा में तेज़ी ग़ज़ा पट्टी में हिंसा में यह तेज़ी ऐसे समय में आई है जब मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई है और अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इसी मुहिम के साथ मध्य पूर्व और अरब देशों का दौरा भी किया है. इसराइल के रक्षा मंत्री एहूद बराक ने ग़ज़ा को जाने वाले रास्ते पर मौजूद सीमा चौकी को बंद करने का फ़ैसला मंगलवार को किया था. इस बारे में कहा गया है कि यह फ़ैसला हमास के रॉकेट हमलों को देखते हुए किया गया है.
शुक्रवार को भी कुछ रॉकेट हमले हुए जिनमें से इसराइली शहर अशकेलॉन में भी कुछ रॉकेट गिरे, हालाँकि कोई हताहत नहीं हुआ. संयुक्त राष्ट्र की राहत एजेंसी एक प्रवक्ता क्रिस्टोफ़र गिनेस ने कहा कि ग़ज़ा को जाने वाला रास्ता बंद किए जाने की वजह से राहत सामग्री ग़ज़ा में लोगों तक नहीं पहुँचाई जा सकी है. क्रिस्टोफ़र गिनेस ने कहा, "ग़ज़ा पूरी तरह से बंद हो गया है. इससे पहले से ही ख़राब हालात और बदतर ही होंगे." उन्होंने कहा, "यह बेहद ज़रूरी है कि इस रास्ते को खोला जाए ताकि ग़ज़ा में हालात और ख़राब होने से बचाया जा सके, नहीं तो लगभग 15 लाख लोगों को बहुत ही ख़राब हालात और बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा." अमरीकी रॉष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने पिछले सप्ताह इस उम्मीद के साथ मध्य पूर्व का दौरा किया था कि शांति प्रक्रिया एक साल के भीतर कुछ सकारात्मक परिणाम ला सकती है. लेकिन फ़लस्तीनी मुक्ति संगठन (पीएलओ) ने गुरूवार को चेतावनी दी थी कि अगर इसराइली हमले इसी तरह जारी रहे तो बातचीत प्रक्रिया पर उसके "गंभीर परिणाम" हो सकते हैं. फ़लस्तीनी प्राधिकरण के मुखिया महमूद अब्बास हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें कार्यकाल में ही हो जाएगा समझौता: बुश10 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना इसराइली टैंक ग़ज़ा में घुसे11 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना अमरीका में होगा मध्य पूर्व सम्मेलन21 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना इसराइल के फ़ैसले से संयुक्त राष्ट्र असहमत30 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना 'मध्य-पूर्व बुश की प्राथमिकता है'15 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना फ़तह के साथ बातचीत को तैयार हमास10 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना मध्य पूर्व सम्मेलन की तैयारी शुरू24 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना ग़ज़ा पट्टी 'दुश्मन' क्षेत्र घोषित19 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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