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शुक्रवार, 21 मार्च, 2008 को 02:21 GMT तक के समाचार
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'ओसामा' का दो दिनों में दूसरा संदेश
ओसामा (फ़ाइल फ़ोटो)
लादेन वर्ष 2004 में आख़िरी बार वीडियो पर दिखाई दिए थे
अल-क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का दो दिनों में दूसरा संदेश आया है. अरबी चैनल अल जज़ीरा पर प्रसारित ऑडियो टेप में ओसामा ने मुसलमानों से अपील की है कि फ़लस्तीनियों की मदद के लिए वे इराक़ में विद्रोह में शामिल हों.

शुक्रवार को आए ओसामा बिन लादेन का पिछले साल नवंबर के बाद पहला ऑडियो संदेश आया था.

उसमें यूरोपीय संघ के नेताओं को पैगंबर मोहम्मद के कार्टून दोबारा छापे जाने के सिलसिले में गंभीर प्रतिक्रिया की चेतावनी दी गई थी.

सितंबर 2005 में डेनमार्क के अख़बार ने 12 कार्टूनों की सिरीज़ प्रकाशित की थी जिसमें पैगंबर मोहम्मद को इस्लामी चरमपंथी के रूप में प्रदर्शित किया गया था. वर्ष 2006 में इस पर मुस्लिम जगत में गुस्सा भड़क उठा.

 फ़लस्तीनी लोगों की मदद करने के लिए जेहाद की सबसे क़रीबी रणभूमि इराक़ है...फ़लस्तीन पर नियंत्रण वार्ता और चर्चा के ज़रिए नहीं कायम होगा बल्कि ये हथियारों के दम पर ही संभव है
दूसरे ऑडियो में संदेश

ये कार्टून तब दोबार छपे जब डेनमार्क के ख़ुफ़िया विभाग ने कार्टून बनाने वाले व्यक्ति को जान से मारने के एक षड्यंत्र का पता लगाने का दावा किया.

अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए और राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को सार्वजनिक हुए ऑडियो टेप का संदेश ओसामा की ही आवाज़ में होने की पुष्टि की है.

एक सीआईए अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉएटर्स को बताया, "काफ़ी भरोसे के साथ ये कहा जा सकता है कि ये आवाज़ ओसामा की ही है."

'जेहाद की क़रीबी रणभूमि'

नए ऑडियो संदेश में कहा गया है - "हमारे फ़लस्तीनी लोगों की मदद करने के लिए जेहाद की सबसे क़रीबी रणभूमि इराक़ है.

अल जज़ीरा पर प्रसारित संदेश में ओसामा ने मध्य पूर्व में वार्ता के ज़रिए शांति कायम करने की कोशिशों को ख़ारिज किया है.

उनका कहना है - "फ़लस्तीन पर नियंत्रण वार्ता और चर्चा के ज़रिए नहीं कायम होगा बल्कि ये आग और लोहे (यानी हथियारों से) ही संभव है."

 पवित्र भूमि के लोगों को वो सब कुछ करना चाहिए जिससे इराक़ में उनके मुजाहिदीन भाइयों को मदद मिले. ये मौक़ा भी है और अरब देशों में रहने वाले फ़लस्तीनी प्रवासियों का फ़र्ज़ भी है....
दूसरे ऑडियो में संदेश

इस संदेश में अरब नेताओं को भी ग़ज़ा पर इसराइली हमलों में के लिए इसराइल का भागीदार ठहराया गया है.

संदेश में कहा गया है - "पवित्र भूमि के लोगों को वो सब कुछ करना चाहिए जिससे इराक़ में उनके मुजाहिदीन भाइयों को मदद मिले. ये मौक़ा भी है और अरब देशों में रहने वाले फ़लस्तीनी प्रवासियों का फ़र्ज़ भी है..."

ये स्पष्ट नहीं है कि ये संदेश कब रिकॉर्ड हुए थे. उनका पिछला ऑडियो संदेश पिछली नवंबर में आया था लेकिन उन्हें अक्तूबर 2004 से वीडियो पर नहीं देखा गया है.

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