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'धन जुटाने के अल-क़ायदा के नए तरीक़े'
संयुक्त राष्ट्र के एक प्रमुख दूत का कहना है कि 'आतंकवादी समूह' अब धन एक जगह से दूसरी जगह तक पहुँचाने के लिए लगातार नए-नए रास्ते अपना रहे हैं. विभिन्न समूहों पर प्रतिबंध के बाद उनकी निगरानी करने वाली समिति के अध्यक्ष हेराल्डो मुनरोज़ का कहना है कि ओसामा बिन लादेन के अल-क़ायदा नेटवर्क ने संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का सामना करना सीख लिया है. मुनोज़ का कहना था कि ये समूह शायद अनौपचारिक बैंकिंग नेटवर्कों के ज़रिए धन का ट्रांसफ़र कर रहा है. माना जा रहा है कि अल-क़ायदा अब धन को सोने और क़ीमती पत्थरों की शक़्ल में संचित कर रहा है. मुनोज़ संयुक्त राष्ट्र में चिली के राजदूत और संयुक्त राष्ट्र की ओर से तालेबान और अल-क़ायदा के विरुद्ध प्रतिबंध लगाने वाली समिति के प्रमुख हैं. मुनोज़ ने अफ़ग़ानिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया और सिंगापुर की यात्रा से लौटने के बाद ये बात कही. मुनोज़ ने संवाददाताओं को बताया कि ये समूह अब बैंकों के ज़रिए ऐसे ट्रांसफ़रों से बच रहे हैं जिनका पता लगाया जा सके.
उन्होंने कहा, "रोचक बात ये है कि इस धन का ट्रांसफ़र बैंकों के ज़रिए नहीं हुआ है. इससे एक बार फिर स्पष्ट हो रहा है कि अल-क़ायदा ने ख़ुद को किस तरह हालात के मुताबिक ढाल लिया है." इसके तहत हवाला प्रणाली भी शामिल है जिसमें कोरियर या अनौपचारिक बैंकिंग के ज़रिए पैसा ट्रांसफ़र हो रहा है. उनका कहना था, "वे लोग इसे लेकर ख़ासे रचनात्मक तरीक़े अपना रहे हैं और इस तरह ज़्यादा ख़तरनाक होते जा रहे हैं." मुनोज़ के अनुसार तालेबान से ख़तरा अब भी बना हुआ है. वे कहते हैं कि तालेबान नशीले पदार्थों का धंधा करने वाले उन लोगों से धन वसूल करता है जो उनके प्रभाव वाले क्षेत्र से होकर गुज़रते हैं और फिर उस धन का इस्तेमाल हथियार ख़रीदने में करता है. |
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