BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 12 मार्च, 2008 को 08:17 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
चौथाई सदी में 'आधे' रह गए बाघ
बाघ
संरक्षणविदों का कहना है कि समुचित उपाय करके बाघों की संख्या बढ़ाई जा सकती है
विश्व वन्यजीव कोष (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ़) के संरक्षणविदों ने आशंका जताई है कि पिछली सदी की अंतिम चौथाई में दुनिया भर में बाघों की संख्या आधी रह गई है.

संगठन ने स्टॉकहोम में एक सम्मेलन के दौरान अनुमान लगाया कि हो सकता है कि अब सिर्फ़ 3,500 बाघ ही बचे हों.

बचे हुए बाघों में भी दक्षिणी चीनी उप-प्रजाति के बाघ जल्द ही लुप्त हो सकते हैं.

इसके पीछे चीन की पारंपरिक दवाओं में बाघों के अंगों के उपयोग को सबसे अहम ख़तरा बताया गया है.

लेकिन संगठन का कहना है कि अगर समुचित क़दम उठाए जाएँ तो बाघों की संख्या बढ़ाई जा सकती है.

जंगलों की कटाई के कारण बाघों के सामने पैदा संकट से निबटने के लिए संरक्षणविदों ने हाल ही में सरकार से सस्ती ज़मीन हासिल करने में कामयाबी पाई है.

आदमी से संघर्ष...

वन्यजीव कोष ने सुमात्राई बाघों के भी ग़ायब हो जाने की चेतावनी दी है.

नेपाल में संरक्षण समूह के समन्वयक विभाष पांडव को लगता है कि विश्व में अब क़रीब 3,500 बाघ ही बचे हैं जबकि 1982 में बाघों की अनुमानित संख्या पाँच से आठ हज़ार के बीच थी.

आदमी पर निर्भर...
 कई मायनों में बाघ बचे रहने या ग़ायब हो जाने के दोराहे पर खड़े हैं और इनमें से किसी भी रास्ते पर बढ़ने के लिए वे आदमी पर निर्भर हैं
सुजॉय बनर्जी, विश्व वन्यजीव कोष के निदेशक (भारत)

संगठन में भारतीय प्रजाति पर चल रहे कार्यक्रम के निदेशक सुजॉय बनर्जी बताते हैं कि 20वीं सदी की शुरुआत में अनुमानित तौर पर भारत में 40 हज़ार बाघ थे.

वे बताते हैं कि अब इन बाघों की संख्या गिरकर चौदह सौ से ज़्यादा नहीं रह गई जो 2002 की संख्या से 60 फ़ीसदी कम है.

बनर्जी कहते हैं कि बचे हुए बाघों को ग़रीब किसानों से गंभीर ख़तरा है जो मवेशियों की सुरक्षा के लिए कटिबद्ध होते हैं क्योंकि वे इन मवेशियों पर निर्भर होते हैं.

वे कहते हैं, "जब भी आदमी और बाघ के बीच संघर्ष होता है अंततः नुक़सान बाघ को ही उठाना पड़ता है."

इंडोनेशिया में हालात को चिंताजनक माना गया है. वहाँ पेड़ों की कटाई करने वाले बाघों के प्राकृतिक आवास के व्यापक इलाक़े को बर्बाद कर रहे हैं.

संगठन का कहना है कि जिस तेज़ी से पेड़ काटे जा रहे हैं उसमें 2050 तक इस देश का 90 फ़ीसदी जंगल ख़त्म हो जाएगा.

बनर्जी चेताते हैं, "कई मायनों में बाघ बचे रहने या ग़ायब हो जाने के दोराहे पर खड़े हैं और इनमें से किसी भी रास्ते पर बढ़ने के लिए वे आदमी पर निर्भर हैं."

इससे जुड़ी ख़बरें
बाघिन को पेड़ ने दिया सहारा
21 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
बाघों की गिनती पर विवाद
15 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
भारत में बाघों की संख्या आधी हुई
12 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
बाघ ने दर्शकों पर हमला किया
26 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना
'ओसामा' से बचने के लिए बाघ...
26 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस
बाघ की खाल की तस्करी, 16 गिरफ़्तार
05 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>