|
बाघिन को पेड़ ने दिया सहारा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्वी राज्य पश्चिम बंगाल में एक गर्भवती बाघिन कुछ ग्रामीणों की प्रताड़ना का शिकार हुई लेकिन वन रक्षकों ने बड़े नाटकीय तरीक़े से उसकी जान बचा ली. 'रॉयल बंगाल टाइगर' नस्ल की यह बाघिन सुंदरवन बाघ अभ्यारण्य से पास के किसी गाँव में चली गई थी लेकिन जब ग्रामीणों ने उसे खदेड़ने की कोशिश की तो उसे अपनी जान बचाने के लिए एक पेड़ का सहारा लेना पड़ा. वनकर्मियों ने जब दवाओं की मदद से बाघिन को 'शांत' किया तब उसे पकड़ा जा सका. अधिकारियों ने बताया कि बाघिन मामूली तौर पर ज़ख़्मी हो गई थी जिसे इलाज के बाद वापस जंगल में छोड़ दिया गया है. पश्चिम बंगाल के सुंदरवन मामलों के मंत्री कांति गांगुली ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि चौदह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाघिन को पकड़ा जा सका. उन्होंने बताया कि बाघिन सुंदरवन से निकलकर देउलबरी गाँव में चली गई थी. यह गाँव कोलकाता से लगभग 250 किलोमीटर दक्षिण में है. गांगुली ने कहा कि भयभीत ग्रामीणों ने बाघिन को खदेड़ने के लिए पत्थर और जलती हुई लकड़ियाँ फेंकी थी इसलिए वह मामूली रूप से घायल हो गई थी. बाघिन के घावों का इलाज करने के बाद वनकर्मी मंगलवार को उसे एक नाव पर ले गए और वापस जंगलों में छोड़ दिया. अधिकारियों ने कहा कि घायल बाघिन को तभी छोड़ा गया जब यह यक़ीन हो गया कि वह अब जंगल में अकेले रह सकती है. ग़ायब हो रहे हैं बाघ भारत में बाघ धीरे-धीरे ग़ायब हो रहे हैं और इसकी बड़ी वजह इंसानों के हाथों उनका शिकार होना है.
सुंदरवन संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित दुनिया भर में संरक्षित घोषित जगहों की सूची में शामिल है. बंगाल की खाड़ी के किनारे-किनारे तक़रीबन दस हज़ार वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला सुंदरवन भारत से लेकर बांग्लादेश तक फैला हुआ है. दुनिया का सबसे बड़ा नदी डेल्टा सुंदरवन अपने दलदली घने जंगलों के जाना जाता है. इस इलाक़े में कुल 102 द्वीप हैं जिनमें 54 पर आबादी है. इन द्वीपों पर रहने वालों में किसानों, मछुआरों और मज़दूरों की तादाद ज़्यादा है. संवाददाताओं का कहना है कि भारत में बाघों के कुछ ही प्राकृतिक वास बचे हैं. सुंदरवन उनमें एक है. सुंदरवन इलाक़े में 'रॉयल बंगाल टाइगर' नस्ल के बाघों पर ग्रामीणों के हमले की घटनाएँ भी इन दिनों बढ़ रही है. आँकड़ों की बात करें तो सरकार भी मानती है कि देश में पाँच साल पहले क़रीब 3,600 बाघ थे लेकिन अब यह संख्या घटकर लगभग 1,411 रह गई है. | इससे जुड़ी ख़बरें चक्रवात से सुंदरवन को भारी नुकसान16 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बाघ से लड़ने वाले गफ़्फ़ार की आपबीती14 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस सुंदरबन में इठलाती हैं इरावदी डॉल्फ़िनें09 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस सुंदरबन के मुहाने पर...07 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस उदासीनता के गर्त में डूबता सुंदरबन06 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस सुंदरवन के बाघों की गणना | भारत और पड़ोस सुंदरबन को बचाने पर सहमति13 मई, 2002 | पहला पन्ना बाघों के हित में एक परियोजना18 दिसंबरजनवरी, 2001 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||