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लंदन के मंदिर ने जीता 'गौरव' अवॉर्ड | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंग्लैंड में हुई एक प्रतियोगिता में लोगों से कहा गया था कि वे ऐसे स्मारक या स्थान का नाम बताएँ जिस पर वे सबसे अधिक गर्व करते हैं और इसमें विजेता रहा उत्तरी लंदन में बना स्वामीनारायण मंदिर. स्वामीनारायण मंदिर को 2,300 से अधिक लोगों ने वोट देकर 'प्राइड ऑफ़ प्लेस अवार्ड' के लिए चुना है. यह यूरोप में बना पहला सबसे बड़ा पारंपरिक हिंदू मंदिर है. इस वोट अभियान में 36, 800 लोगों ने ऑनलाइन के ज़रिए अपनी राय ज़ाहिर की थी. लंदन की नौ काउंसिलों ने इसमें हिस्सा लिया. ग्रीनिच के फ़ायरपॉवर म्यूज़ियम और बार्किंग के बार्किंग एबी को दस राष्ट्रीय स्मारकों में स्थान मिला है. सामुदायिक मामलों के मंत्री परमजीत धांड ने गुरुवार को मंदिर के अधिकारियों को यह पुरस्कार दिया. उन्होंने कहा, “मैंने कई लोगों से अनोखी प्रेरणा देने वाले इस मंदिर के बारे में सुन रखा था. इसलिए ये समझना कठिन नहीं है कि इसे लेकर स्थानीय लोगों में इतना गौरव क्यों जगाता है.” मंदिर का निर्माण 1,500 से अधिक कारीगरों ने 2,820 टन बल्गेरियाई लाइमस्टोन पत्थरों और 2,000 टन इतालवी संगमरमर से किया है. इसमें लगे 26,300 नक्काशीदार टुकड़े लंदन मंगाए गए जिन्हें जोड़कर खड़ा करने में क़रीब तीन साल लगे थे. मंदिर को 1995 में आम लोगों के लिए खोल दिया गया. हर साल लाखों लोग इस मंदिर को देखने आते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें रानी पहुँची पुरी के मंदिर में पूजा करने09 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस प्रभु के लिए जयपुरी रज़ाई की गर्माहट 08 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस दलितों ने माँगा पूजा का अधिकार12 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस कालीघाट मंदिर में पंडों पर रोक16 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस खुल रहा है यूरोप का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर27 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस मेला खीरभवानी में श्रद्धालुओं का ताँता05 जून, 2006 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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