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रानी पहुँची पुरी के मंदिर में पूजा करने | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पुरी का जगन्नाथ मंदिर रविवार को आम लोगो के लिए तीन घंटों से भी अधिक समय के लिए बंद रहा. मंदिर बंद रहने का कारण यह था कि पुरी की रानी लीलावती पट्टामहादेई दर्शन के लिए आने वाली थीं. सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार, पुरी की रानी अपने पूरे जीवनकाल में सिर्फ़ एक बार दर्शन के लिए जगन्नाथ मंदिर में आती हैं और एकांत में दर्शन करती हैं. उल्लेखनीय है कि उड़ीसा राज्य के पूर्वी समुद्र-तट पर स्थित बारहवीं शताब्दी में बना पुरी का जगन्नाथ मंदिर, भारत में हिन्दुओं के प्रमुख तीर्थ-स्थानों में से एक है. हालाँकि रानी जगन्नाथ मंदिर के 200 मीटर दायरें में ही अलग से बने एक महल में रहती हैं. लेकिन उन्होंने अब तक मंदिर में जाकर दर्शन नहीं किए थे. पुरी की रानी इससे पहले जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए वर्ष 1966 में आईं थी. मौजूदा महारानी लीलावती पट्टामहादेई, उन्हीं की पुत्रवधू हैं. भारत के कई पूर्व शाही परिवारों के सदस्यों ने महारानी लीलावती के साथ जगन्नाथ मंदिर में दर्शन किए. इसके लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त भी किए गए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें लंदन में जगन्नाथ यात्रा की झलकियाँ20 जून, 2004 | पहला पन्ना पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा27 जून, 2006 | भारत और पड़ोस पुरी के जगन्नाथ मंदिर में भगदड़04 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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