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मैक्केन की उम्मीदवारी का समर्थन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने जॉन मैक्केन को रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने का समर्थन किया है. एक संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रपति बुश ने जॉन मैक्केन की प्रशंसा की और कहा कि उनमें साहस है, चारित्रिक ताकत है जो एक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए ज़रूरी है. ग़ौरतलब है कि आठ साल पहले जॉन मैक्कन जॉर्ज डब्ल्यू बुश के हाथों उम्मीदवारी की दौड़ हार गए थे. चार महीने पहले उन्हें मीडिया ने मुक़ाबले से पहले ही हारा हुआ मान लिया था वही जॉन मैक्केन 2008 के राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार बन गए हैं. उन्होंने 'मैक इज़ बैक' के नारे के साथ अपनी वापसी की है. दूसरी ओर डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी की दौड़ में हिलेरी क्लिंटन और बराक ओबामा के बीच कांटे का संघर्ष जारी है. इधर हिलेरी क्लिंटन ने संकेत दिए हैं कि यदि वो उम्मीदवार बनीं तो बराक ओबामा को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने की कोशिश करेंगी. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इसके पहले हिलेरी क्लिंटन के बारे में अमरीकी मीडिया में रोज़ाना लंबे लंबे लेख लिखे जा रहे थे कि उन्हें ख़ुद ही अपना नाम वापस ले लेना चाहिए. उसी हिलेरी क्लिंटन ने चार में से तीन राज्यों में बराक ओबामा के ख़िलाफ़ जीत हासिल करके इस दौड़ को फिर से वहाँ ला दिया है जहाँ से ये दौड़ शुरू हुई थी. ये मुक़ाबला अभी और चलेगा क्योंकि अब भी दोनों उम्मीदवारों के बीच डेलिगेट्स, यानी हर राज्य के प्रतिनिधि जो आख़िर में इन्हें चुनेंगे, उनकी संख्या में उन्नीस-बीस का ही फ़र्क है. |
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