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'सैनिकों की वापसी में समय लगेगा' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने कहा है कि इस वर्ष की गर्मियों में क़रीब 30 हज़ार अमरीकी सैनिकों की इराक़ से घर वापसी के बाद वे चाहेंगे कि इस पहल पर विराम लगे. रविवार को रॉबर्ट गेट्स के इराक़ पहुँचते ही देश के बीचोंबीच एक ज़बरदस्त कार बम धमाका हुआ जिसके बाद उत्तर में कुछ और हमले हुए. अब उनके इराक़ से निकलते वक़्त बग़दाद में ही एक साथ दो विस्फोट हुए हैं. पुलिस का कहना है कि शहर में पेट्रोल भरवाने के लिए लगी कतार में एक के बाद एक-दो कार बम कुछ ही मिनटों के अंदर फटे. हालात बेहतर वैसे ये तो मानना पड़ेगा कि इराक़ के हालात आठ-दस महीनों पहले के मुक़ाबले कहीं बेहतर हैं, लेकिन अब भी उन्हें बिल्कुल ठीक नहीं कहा जा सकता. यहाँ तक कि बग़दाद में भी, जहाँ अमरीकी फ़ौज की संख्या में बढ़ोतरी की गई है. गेट्स ने इराक़ में तैनात अमरीकी कमांडर डेविड पीट्रियस की राय पर अपनी मुहर लगा दी है. उनका कहना है कि पिछले महीनों में जिन 30 हज़ार अतिरिक्त सैनिकों को इराक़ लाया गया है, जुलाई 2008 तक उन सब को वापस अमरीका भेज दिया जाएगा. लेकिन उसके बाद सेना में और कटौती करने से पहले– कुछ समय रुक कर हालात का जायज़ा लेना चाहिए. इसका मतलब है कि इराक़ में शुरू से तैनात क़रीब एक लाख 30 हज़ार सैनिकों को तब तक वहाँ रखा जाएगा जब तक ये भरोसा न हो जाए कि फ़ौज की संख्या और घटाने से सुरक्षा स्थिति में आया सुधार ख़तरे में नहीं पड़ जाएगा. प्रशासन में मतभेद वैसे इस मसले पर अमरीकी प्रशासन ख़ुद भी दो खेमों में बँटा हुआ है. रक्षा विभाग पेंटागन से जुड़े एक कैंप के लोगों का मानना है कि फ़ौज की संख्या में कटौती जुलाई के बाद भी बिना किसी विराम के जारी रहनी चाहिए और इराक़ से जितना जल्दी हो, निकल जाना चाहिए. जबकि इराक़ में तैनात सर्वोच्च अमरीकी कमांडर डेविड पीट्रियस कहते हैं कि इससे किए-कराए पर पानी फ़िर सकता है. जो कुछ कामयाबी हाल में मिली है, सब मिट्टी में मिल सकती है इसलिए थोड़ा सब्र से काम लेना चाहिए. बाद में बुलाए गए फ़ौजियों को वापस भेज कर कुछ समय रुकना चाहिए. अब ये स्पष्ट हो गया है कि रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स भी इस मामले में डेविड पीट्रियस की राय से सहमत हैं. हालाँकि, इस बारे में अंतिम फ़ैसला राष्ट्रपति बुश को करना है लेकिन डेविड पीट्रियस पर उनके भरोसे को ध्यान में रखते हुए ये काफ़ी हद तक तय लगता है कि इराक़ से अमरीकी फ़ौज की पूर्ण वापसी में अभी और समय लगेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें कार बम धमाके से दहला इराक़ी शहर10 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना इराक़ में दो विस्फोटों में 64 मरे01 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना इराक़ बम धमाकों में 24 की मौत25 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना सद्दाम की बरसी पर इराक़ में सुरक्षा कड़ी30 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में फिर उम्मीद नज़र आ रही है: बुश12 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना इराक़ी पत्रकार पर चलेगा मुक़दमा20 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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