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कीनिया में हिंसा रोकने का आहवान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ्रीकी देशों के संगठन अफ्रीकन यूनियन (एयू) ने इथियोपियों में हुए एक शिखर सम्मेलन में नेताओं का आहवान किया है कि कीनिया में पैदा हुए संकट का कोई न कोई हल तुरंत निकाला जाए. अफ्रीकन यूनियन के चेयरमैन अल्फ़ा ओमर कोनारे ने अफ्रीकी देशों के नेताओं से कहा है कि वे कीनिया की स्थिति पर ख़ामोश नहीं बैठ सकते हैं, "अगर कीनिया जल रहा है तो कल के लिए कुछ नहीं बचेगा." एयू के शीर्ष अधिकारी कोनारे ने कहा कि संगठन का यह कर्तव्य है कि कीनिया में सुलह-सफ़ाई की कोशिशों को समर्थन दे. संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफ़ी अन्नान इन कोशिशों की अगुवाई कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भी कीनिया के नेताओं से कोई शांतिपूर्ण हल निकालने का आग्रह किया है. बान की मून ने एयू के सम्मेलन में आए नेताओं से कहा, "राष्ट्रपति म्वाई किबाकी और विपक्षी नेता राइला ओडिंगा... की विशेष ज़िम्मेदारी है कि वे संकट का शांतिपूर्ण समाधान निकालें." इस बीच कीनिया की सरकार और विपक्षी दल के प्रतिनिधियों के बीच सुलह-सफ़ाई की कोशिशों के तहत नैरोबी में बातचीत गुरूवार को शुरू हो गई. 'सांसद को मारा' मगर कीनिया में सरकार विरोधी प्रदर्शन और हिंसा गुरूवार को भी जारी रहे और पुलिस की गोली से एक विपक्षी सांसद की मौत हो गई है. विपक्षी ओरेंज डेमोक्रेटिक मूवमेंट (ओडीएम) के एक प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिमी शहर एल्डोरेट में एक यातायात पुलिसकर्मी ने डेविड टू नामक सांसद को गोली से मार दिया है.
डेविड टू से पहले इसी सप्ताह एक अन्य सांसद मुगाबे वेरे भी गोली का शिकार हुए. उन्हें नैरोबी में गोली मार दी गई थी जिसके बाद विपक्षी पार्टी के दबदबे वाली बस्तियों में हिंसा तेज़ हो गई थी. दिसंबर 2007 में राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनावों पर विवाद उठने के बाद से भड़की हिंसा में 850 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है. लगभग ढाई लाख लोगों को हिंसा के डर से अपने घर छोड़कर पूर्वी अफ्रीका के अन्य देशों में शरण लेनी पड़ी है जहाँ हालात कुछ बेहतर हैं. विपक्षी पार्टी ओडीएम के प्रवक्ता हेनरी कोसगी ने कहा कि सांसद डेविड टू नैरोबी से एल्डोरेट जा रहे थे कि रिफ़्ट वैली में एक सड़क जाम के दौरान उन्हें गोली मार दी गई. रिफ़्ट वैली वो इलाक़ा है जहाँ 27 दिसंबर 2007 के चुनावों के बाद उठे विवाद में भीषण हिंसा हुआ है. अफ्रीका में अमरीका की शीर्ष अधिकारी जेंडाई फ्रेज़र ने बुधवार का कहा था कि इस क्षेत्र में "जातीय नरसंहार" हो रहा है. सुलह की कोशिशें संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफ़ी अन्नान ने सुलह की कोशिशों के तहत बुधवार को कीनिया के राष्ट्रपति और विपक्षी नेता के बीच बातचीत एक बार फिर शुरू कराई. राजनीतिक संकट को हल करने के लिए बातचीत भी अधर में लटक गई थी जो मंगलवार को फिर से शुरू हुई. कोफ़ी अन्नान ने राष्ट्रपति मवई किबाकी और विपक्ष के नेता राइला ओडिंगा से बात की और दोनों से आह्वान किया कि शांति बहाल करने के लिए हर मुमकिन कदम उठाए जाएँ. उनका कहना था, "कीनिया में हर जाति-समुदाय के लोग रहते हैं लेकिन मैं उम्मीद करता हूँ कि आप लोग पहले अपने आप को कीनिया के नागिरक के रूप में देखें." कोफ़ी अन्नान दोनों नेताओं को बातचीत का एक 'रूट-मैप' या कार्ययोजना देंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें अन्नान ने कीनिया में बातचीत शुरु करवाई30 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना कीनिया में प्रदर्शन और झड़पें17 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना कीनिया में राष्ट्रीय सरकार के संकेत05 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना 'कीनिया में गंभीर मानवीय संकट'05 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना चुनावी नतीजे की स्वतंत्र जाँच की मांग03 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना कीनिया पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा02 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना 'कीनिया में भारतीय सुरक्षित हैं'02 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना कीनिया में 30 लोगों को ज़िंदा जलाया गया01 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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