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अन्नान ने कीनिया में बातचीत शुरु करवाई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कीनिया के राष्ट्रपति और विपक्षी नेता के बीच बातचीत एक बार फिर शुरू करवाई है. कीनिया में पिछले महीने हुआ राष्ट्रपति चुनाव काफ़ी विवादित रहा था और उसके बाद से ही वहाँ हिंसा का दौर जारी है. राजनीतिक संकट को हल करने के लिए बातचीत भी अधर में लटक गई थी. अब मंगलवार को बातचीत फिर से शुरू हुई है. कोफ़ी अन्नान ने राष्ट्रपति मवई किबाकी और विपक्ष के नेता रैला ओडिंगा से बात की और दोनों से आह्वान किया कि शांति बहाल करने के लिए हर मुमकिन कदम उठाए जाएँ. उनका कहना था, "कीनिया में हर जाति-समुदाय के लोग रहते हैं लेकिन मैं उम्मीद करता हूँ कि आप लोग पहले अपने आप को कीनिया के नागिरक के रूप में देखें." कोफ़ी अन्नान दोनों नेताओं को बातचीत का एक 'रूट-मैप' या कार्ययोजना देंगे. सांसद की हत्या इससे पहले राजधानी नैरोबी में एक विपक्षी सांसद की हत्या कर दी गई थी. मारे गए नेता मुगाबे वेरे के सुरक्षाकर्मी जोसेफ ओजरो ने बताया, "जब मै गेट के क़रीब गया तो मैंने गोली की आवाज़ सुनी. मैंने गेट से झांक कर देखा तो मुझे दो व्यक्ति नज़र आए. मैं चिल्लाने लगा और घर की मालकिन, वेरे की पत्नी भी चिल्लाने लगीं. इतने में ये लोग भाग गए." "वेरे की गाड़ी के गेट से टकरा जाने के कारण गेट जाम हो गया था. मैंने गेट को कूद कर देखा तो सांसद महोदय ज़मीन पर गिरे हुए थे." झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाक़े काईबेरा में प्रतिद्वंद्वी गुटों की बीच लड़ाई में कम से कम चार लोग मारे गए. नैवाशा शहर में अपने प्रतिद्वंद्वी गुट पर हमला करने पर उतारू एक बड़ी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सेना ने हेलीकॉप्टरों के ज़रिए आँसू गैस के गोले छोड़े गए और रबर की गोलियाँ चलाईं गई. कीनिया के पश्चिमी इलाक़े से उगांडा जाने वाली रेलवे लाइन के कुछ हिस्से को उखाड़ दिया गया है. विश्व मामलों के बीबीसी संवाददाता मार्क डॉयल का कहना है कि कीनीया का मौजूदा संकट राजनीतिक और क़बायली समस्याओं से ग्रस्त है. राजधानी नैरोबी और आसपास के इलाक़ो में किकुयूस क़बीले का ख़ासा प्रभाव है. साम्राज्यवादी ताक़तों के ख़िलाफ़ लड़ाई में इनकी अहम भूमिका थी और फिर स्वतंत्रता के बाद आर्थिक रूप से फ़ायदा उठाने के मामले में ये सबसे आगे थे. लेकिन किकुयूस क़बीला, देश के केवल 20 प्रतिशत लोगों का प्रतिनिधित्व करता है और ऐसे में बाक़ी गुट गठजोड़ बनाने में जुटे रहते हैं. प्रमुख विपक्षी दल में लुओ क़बीले के लोग हैं जो कि देश का दूसरा सबसे बड़ा क़बीला है. बीबीसी संवाददाता का है कि कीनिया की सड़कों पर चल रही लड़ाई तो क़बीलों के बीच है लेकिन देश के स्तर पर चल रहा गतिरोध और भी पेचीदा है. | इससे जुड़ी ख़बरें कीनिया में प्रदर्शन और झड़पें17 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना कीनिया में राष्ट्रीय सरकार के संकेत05 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना 'कीनिया में गंभीर मानवीय संकट'05 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना चुनावी नतीजे की स्वतंत्र जाँच की मांग03 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना कीनिया पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा02 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना 'कीनिया में भारतीय सुरक्षित हैं'02 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना कीनिया में 30 लोगों को ज़िंदा जलाया गया01 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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