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मुश्किल काम में चील की मदद | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इटली के दक्षिणी शहर बारी के हवाईअड्डा संचालकों ने हवाई पट्टी से पशु-पक्षियों को दूर रखने में मदद के लिए एक अनोखा नुस्ख़ा निकाला है. इस मुश्किल काम करने की ज़िम्मेदारी निभाने के लिए उन्होंने एक गोल्डन ईगल यानी सुनहरी चील को नियुक्त किया है. पिछले कुछ महीनों में कई बार ऐसे मौक़े आए जब कंट्रोल टॉवर को हवाई पट्टी बंद करनी पड़ी क्योंकि उसके बहुत पास ही लोमड़ियाँ शिकार करती नज़र आईं लेकिन अब उन्होंने दुनिया के एक असाधारण शिकारी की मदद ली है. रोम की महान सेना का यह प्रतीक अब जीव-जंतुओं पर नियंत्रण पाने के लिए एक नया मानक बन गया है. अब तक शाम होते ही बारी का हवाईअड्डा चूहों और खरगोशों के शिकार का मैदान बन जाता था लेकिन अब हवाईअड्डे पर एक नई और प्रभावशाली छाया घूमती है जिसने लोमड़ियों को भयभीत कर दिया है. आतंक का पर्याय चेयेन्नी नामक छह महीने की यह सुनहरी चील जर्मनी में पली-बढ़ी है. इसके पंख दो मीटर तक फैल सकते हैं जबकि यह 18 किलोग्राम यानी अपने वज़न से क़रीब तीन गुना ज़्यादा तक वज़न उठा सकती है. हवाईअड्डा संचालकों को उम्मीद है कि चेयेन्नी लोमड़ियों में ख़ासा आतंक फैलाने में सफ़ल रहेगी ताकि वे हवाईअड्डे की चाहरदीवारी से बाहर रहें. ख़ासतौर पर इस समय जब कुछ ही महीनों में उनके शावक पैदा होने वाले हैं. बारी हवाईअड्डे से क़रीब 20 लाख यात्री प्रति वर्ष यात्रा करते हैं इसलिए हवाई पट्टी को बंद करना बहुत महंगा पड़ सकता है. अमरीका में हवाईअड्डे पर इस काम के लिए संचालक अल्ट्रासाउंड ध्वनियाँ, ज़हर और फंदों का इस्तेमाल करते हैं. माना जा रहा है कि यह पहला मौक़ा है जब किसी भी हवाईअड्डे पर पशुओं को दूर रखने के लिए इस बड़े और अनोखे पक्षी की मदद ली गई हो. हालांकि एक पक्षी पर 15 हज़ार डॉलर ख़र्च करना कुछ हवाईअड्डों को काफ़ी महंगा सौदा भी लग सकता है. फ़िलहाल इस पक्षी की ट्रेनिंग ख़त्म हो चुकी है और उम्मीद की जा रही है कि यह एक सप्ताह के अंदर अपनी पहली उड़ान भर सकेगी. उसके बाद से चेयेन्नी को अपनी नई नौकरी पर खुलकर उड़ने के लिए छोड़ दिया जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें 'सबसे बुजुर्ग' वनमानुष की मौत01 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना बच्चों में आती हैं माँ की खाने की आदतें15 अगस्त, 2007 | विज्ञान मैना भगाने के लिए नकली साँपों का सहारा22 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना कश्मीर लौटने लगे हैं 'विदेशी मेहमान'14 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस पक्षी विहार में नदारद हैं परिंदे06 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'नई प्रजाति' का पक्षी भारत में देखा गया12 सितंबर, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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