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जॉर्ज बुश मध्य पूर्व दौरे पर निकले | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच सुलह-सफ़ाई की कोशिशों के तहत अपना महत्वाकांक्षी मध्य पूर्व दौरा बुधवार को शुरू किया और पहले पड़ाव में वह इसराइल पहुँचे. बुश इसराइल और फ़िलिस्तीनियों के बीच शांति वार्ता कराने की कोशिशों के तहत क्षेत्र के यादग़ार दौरे पर है. तेलअवीव हवाई अड्डे पर बुश का शानदार स्वागत किया गया और उन्हें इसराइल की पूरी संसद ने बधाई दी. बुश ने कहा कि उन्होंने इस पवित्र धरती पर शांति की नई संभावनाएं देखीं हैं. बुश के यहाँ आने से पहले फ़लस्तीनी और इसराइली नेता ऐसे मुद्दों पर को सुलझाने के लिए कोशिश करने पर सहमत हो गए जिन पर उनके बीच मतभेद हैं. फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास और इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने साल 2007 में अमरीका में हुए एक सम्मेलन में 2008 के अंत तक दोनों देशों के बीच समझौता करने का संकल्प लिया था. अटूट बंधन जॉर्ज बुश ने इसराइली प्रधानमंत्री एहूद ओल्मर्ट और राष्ट्रपति शिमॉन पैरेज़ से भी मुलाक़ात की. ओल्मर्ट ने इसराइल और अमरीका के बीच अटूट बंधन की बात कहते हुए बुश के साथ अपनी गहरी मित्रता की बात कही थी. इस बीच, पैरेज़ ने बुश का आहवान किया कि ईरान और चरमपंथी गुटों - हिज्बुल्ला और हमास के ‘पागलपन’ को बंद कराने के लिए ठोस क़दम उठाए जाएँ. उन्होंने ईरान को चेतावनी भी दी कि वह आत्मरक्षा के इसराइली संकल्प को कम करके ना आँके. जॉर्ज बुश ने कहा, “इसराइल और अमरीका ने मुश्किल परिस्थितियों में भी दो महान प्रजातंत्र स्थापित किए हैं.” उन्होंने कहा कि अमरीका और इसराइल के बीच गठबंधन एक यहूदी देश होने के नाते इसराइल को सुरक्षा की गारंटी देने में मदद करता है. लेकिन बुश के दौरे का फ़लस्तीनी संगठन हमास ने स्वागत नहीं किया जो फ़लस्तीनी क्षेत्रों में चुनाव जीतने के बाद अमरीका और यूरोपीय देशों के बहिष्कार का सामना कर रहा है. हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी सामी अबू-ज़हूरी ने बीबीसी को बताया, "बुश फ़लस्तीनी क्षेत्रों पर इसराइली क़ब्ज़े को राजनीतिक, नैतिक और भौतिक समर्थन देने के लिए यहाँ आए हैं और उनके दौरे से फ़लस्तीनियों में अंदरूनी कलह और बढ़ेगी." सामी अबू-ज़हूरी ने कहा, "हम उनका स्वागत नहीं कर सकते क्योंकि फ़लस्तीनी लोगों की परेशानियों के लिए जो बड़े कारण रहे हैं, ख़ुद बुश भी उन कारणों में से एक हैं." जॉर्ज बुश ने दौरा शुरू करने से पहले कहा कि अमरीका इस क्षेत्र की सुरक्षा के प्रति कटिबद्ध है लेकिन पत्रकारों का कहना है कि ज़्यादातर इसराइली और फ़िलिस्तीनी इस बारे में किसी प्रगति के प्रति सशंकित हैं. जॉर्ज बुश बुधवार को यरुशलम में एहूद ओल्मर्ट और शिमॉन पैरेज़ से बुधवार को बातचीत करने के बाद फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट में महमूद अब्बास से भी मुलाक़ात करने जाएंगे. इसराइल और फ़लस्तीनी क्षेत्रों के तीन दिन के दौरे के बाद बुश कुवैत, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और मिस्र भी जाएंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीका में होगा मध्य पूर्व सम्मेलन21 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना इसराइल के फ़ैसले से संयुक्त राष्ट्र असहमत30 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना 'मध्य-पूर्व बुश की प्राथमिकता है'15 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना फ़तह के साथ बातचीत को तैयार हमास10 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना मध्य पूर्व सम्मेलन की तैयारी शुरू24 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना ग़ज़ा पट्टी 'दुश्मन' क्षेत्र घोषित19 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना रॉकेट हमले में 50 इसराइली सैनिक घायल11 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना भारत के लिए अब्बास ही नेता05 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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