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'लादेन का नया टेप' जारी हुआ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अल-क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के कथित ऑडियोटेप में इराक़ी लोगों से कहा गया है कि वे देश में राष्ट्रीय सरकार बनाने की अमरीकी कोशिशों को ख़ारिज करें. ओसामा बिन लादेन का यह कथित ऑडियो टेप एक वेबसाइट पर जारी हुआ है. इसमें लादेन की ही आवाज़ है या नहीं, अभी इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है. इस टेप में इराक़ के लोगों से आहवान किया गया है कि वे शिया, सुन्नी और कुर्दों को मिलाकर इराक़ में राष्ट्रीय सरकार बनाने की अमरीका की कोशिश को ख़ारिज कर दें. ऑडियो टेप में सुन्नियों की चेतावनी दी गई है कि वे अल-क़ायदा के ख़िलाफ़ लड़ाई में कबायली समूहों की परिषद का साथ न दें. ग़ौरतलब है कि इराक़ में पिछले दिनों अमरीकी अभियान को सहयोग दे रहे कबायली समूहों के कुछ नेताओं को निशाना बनाते हुए चरमपंथी हमले ही किए गए हैं. ओसामा बिन लादेन का यह कथित ऑडियो टेप ऐसे समय में आया है जब इराक़ के आंतरिक मंत्रालय ने दावा किया है कि पिछले एक साल में देश में तीन-चौथाई अल-क़ायदा को ख़त्म कर दिया गया है. इराक़ी और अमरीकी कमांडरों ने यह भी कहा कि वर्ष 2007 में सुरक्षा के मसले पर उल्लेखनीय प्रगति हुई है. वरिष्ठ अमरीकी कमांडर जनरल डेविड पेट्रास ने कहा कि कई अरब देशों की ओर से की गई कठोर कार्रवाई के चलते इराक़ में विदेशी धन कम आ पाया और इससे लड़ाकों की संख्या घटी है. अमरीकी कमांडर ने चेताया कि अल-क़ायदा अब भी देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा ख़तरा है और आज जो हम बेहतर स्थिति में हैं वह कभी भी आसानी से बदल सकती है. 'अल-क़ायदा तीन-चौथाई घटा' आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल अब्दुल करीम ख़लाफ़ ने कहा कि कुछ सुरक्षाकर्मियों और चरमपंथियों का गठजोड़ ख़त्म होने की वजह से अल-क़ायदा का नेटवर्क कमज़ोर हुआ है. उन्होंने कहा, ''अल-क़ायदा बग़दाद के उत्तर में कुछ इलाक़ों तक सीमित रह गया है. हम उन गुटों को ख़त्म करने की तैयारी कर रहे हैं और अब यही चुनौती है.''
प्रवक्ता के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है कि अल-क़ायदा के 75 प्रतिशत ठिकानों को ख़त्म कर दिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि जून के बाद से हत्या के प्रयासों में भी 79 प्रतिशत की कमी आई है. बग़दाद में बीबीसी के संवाददाता का कहना है कि सुरक्षा मसले पर इराक़ और अमरीकी सेना को मिली बढ़त के कई दूसरे कारण हैं. जैसे कि अगस्त में शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र की मेहदी सेना की ओर से संघर्षविराम की घोषणा. हालांकि बीबीसी संवाददाता के अनुसार सबसे महत्वपूर्ण कारण है सुन्नी चरमपंथियों का उदय जो एक समय अमरीका और इराक़ सरकार से लड़ रहे थे लेकिन अब अल-क़ायदा से लड़ रहे हैं. सालभर की समीक्षा में जनरल पेट्रास ने यह भी कहा कि अमरीकी आँकड़ों के अनुसार जून के बाद से हमलों की संख्या में भी 60 प्रतिशत की गिरावट आई है. हालांकि उनके आँकड़ों के अनुसार ही आत्मघाती हमलों में थोड़ी वृद्धि हुई है और यह सुरक्षा ख़तरे को उजागर करते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें बैतुल्ला: कट्टर कबायली चरमपंथी29 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ जेहाद का ऐलान20 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'हमने बचाकर निकाला ओसामा को'11 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस ज़वाहिरी ने अमरीका की खिल्ली उड़ाई30 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस लादेन बच निकले : अफ़ग़ान अधिकारी05 मार्च, 2004 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ान सीमा पर नए अभियान की तैयारी23 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस 'धन जुटाने के अल-क़ायदा के नए तरीक़े'31 अक्तूबर, 2003 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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