BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मित्र को भेजेंकहानी छापें
हत्या की कोशिश के आरोप वापस लिए
मलेशिया में विरोध प्रदर्शन (फ़ाइल फ़ोटो)
कुआलालम्पुर में 25 नवंबर को प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी को चोटें आईं थीं
मलेशिया सरकार ने पिछले महीने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले भारतीय मूल के 31 लोगों के ख़िलाफ़ हत्या की कोशिश के आरोप सोमवार को वापस ले लिए.

अटॉर्नी जनरल अब्दुल गनी पटाइल ने पाँच लोगों के ख़िलाफ़ हत्या की कोशिश के आरोपों को वापस ले लिया. बाद में उन्हें बिना शर्त रिहा कर दिया गया.

इनके अलावा 26 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ हत्या के प्रयास का मामला तो वापस ले लिया गया है, लेकिन इनके विरुद्ध नुक़सान पहुँचाने और ग़ैरक़ानूनी तरीके से इकट्ठा होने का आरोप लगाया गया है.

हालाँकि इन सभी लोगों ने इन आरोपों से इनकार किया है.

इन 26 लोगों के माफ़ी माँगने के बाद उन्हें 500 रिंगिट (लगभग 6000 रुपए) की ज़मानत राशि पर छोड़ा गया.

 हम सही-सही नहीं बता सकते कि पथराव किसने किया और किसके पत्थर से पुलिसकर्मी बुरी तरह घायल हुआ
अब्दुल गनी, अटॉर्नी जनरल

वकीलों का कहना है कि अगले हफ़्ते अदालत इन आरोपों पर फ़ैसला सुनाएगी और इन्हें पाँच साल तक की क़ैद या जुर्माना या फिर दोनों ही हो सकते हैं.

सख़्ती नहीं

अब्दुल गनी ने संवाददाताओं से कहा, “ हम सही-सही नहीं बता सकते कि पथराव किसने किया और किसके पत्थर से पुलिसकर्मी बुरी तरह घायल हुआ.”

उन्होंने कहा, “ मैं और सख़्त हो सकता था, लेकिन मैं नहीं समझता कि ये वक्त सख़्ती बरतने का है. मैने जनहित में फ़ैसला किया और यही सबसे बेहतर तरीका था.”

दरअसल, मलेशिया की राजधानी कुआलालम्पुर में 25 नवंबर को प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी को चोटें आईं थीं.

ख़बरों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने उस पर लोहे के पाइप और ईंटें फेंकीं थीं.

मलेशिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों का आरोप है कि मलेशिया सरकार देश के हिंदू समुदाय के साथ भेदभाव करती है और उसे विकास के अवसरों से वंचित रखा जाता है.

इस 'भेदभाव' के ख़िलाफ़ राजधानी कुआलालम्पुर में हिंदू समुदाय के लोगों ने एक प्रदर्शन किया था जिसमें भारतीय मूल के हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया था.

मलेशिया की पुलिस ने रैली की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. पुलिस का कहना था कि ऐसी रैली से देश में सामुदायिक वैमनस्य को बढ़ावा मिलता.

रैली का आयोजन हिंदू राइट्स एक्शन फ़ोर्स नाम के एक संगठन ने किया था.

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>