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मंगलवार, 06 मार्च, 2007 को 15:20 GMT तक के समाचार
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इंडोनेशिया में भीषण भूकंप से भारी तबाही
भूकंप के बाद अस्पताल
इंडोनेशिया में पिछले साल और वर्ष 2004 में भी भीषण भूकंप आए थे
इंडोनेशिया के सुमात्रा प्रायद्वीप में ज़बर्दस्त भूकंप आया है जिसने भारी तबाही मचाई है और शुरूआती ख़बरों के अनुसार उसमें कम से कम 70 लोगों की मौत हो गई है. मारे गए लोगों में अनेक बच्चे भी शामिल हैं.

इस भूकंप के झटके सिंगापुर, हाँगकाँग और मलेशिया में भी महसूस किए गए.

इंडोनेशिया के अधिकारियों ने बताया है कि भूकंप में 70 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.

अमरीकी भूगर्भ सर्वे ने कहा है कि इस भूकंप का केंद्र पडांग शहर के पास था जो पश्चिमी सुमात्रा प्रांत की राजधानी है. इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.3 थी.

इस भूकंप की तबाही का केंद्र इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप का पश्चिमी इलाक़ा बना है जिसमें सैकड़ों इमारतें ध्वस्त हो गईं जिनमें बहुत से स्कूल भी हैं और बिजली बिल्कुल कट गई है.

अधिकारियों ने आशंका जताई है कि ध्वस्त हुई इमारतों के मलबे में बहुत से लोग दबे हो सकते हैं जिससे मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.

भूकंप स्थानीय समय के अनुसार दस बजकर 49 मिनट (ग्रीनिच मान समय - 0349) पर आया जिससे लोगों में एकदम अफ़रातफ़री मच गई.

अमरीकी भूगर्भ सर्वे का कहना है कि पहले भूकंप के क़रीब दो घंटे बाद एक दूसरा भूकंप आया जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6 थी जिसने लोगों में और ज़्यादा दहशत फैला दी.

अस्पतालों में भारी संख्या में घायलों को भर्ती किया जा रहा है और अधिकारी मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं.

इंडोनिशायाई सरकार के एक प्रवक्ता सूदी सिलालाही ने बताया कि कम से कम 70 लोग मारे गए हैं.

राहत और बचाव कार्यों में लगे लोगों का कहना है कि भूकंप की वजह से सैकड़ों इमारतें तबाह हो गई हैं, हालाँकि जकार्ता में मौजूद बीबीसी संवाददाता लूसी विलियम्सन का कहना है कि इनमें से बहुत से मकान वो भी हैं जो छोटे हैं, या लकड़ी से बने हैं.

संपर्क साधन टूटे

इंडोनेशिया के टेलीविज़न पर मलबे की तस्वीरें दिखाई जा रही हैं जिनमें बहुत सी इमारतें ऐसी भी हैं जो खड़ी तो हैं लेकिन उनमें ख़तरनाक दरारें पड़ गई हैं.

सिंगापुर
सिंगापुर में भी झटके महसूस किए गए

राहतकर्मी सहायता कार्यों में तालमेल बिठाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन संपर्क साधने में मुश्किलें आ रही हैं क्योंकि प्रबावित इलाक़ों में संपर्क के साधन भी टूट-फूट गए हैं. पश्चिमी सुमात्रा के अनेक इलाक़ों में बिजली भी गुल हो गई है.

पदांग के पास एक महिला ने रायटर्स संवाद समिति से कहा, "बहुत तेज़ झटका था. हमारे इलाक़े में अफरा तफरी मच गई थी. मैं अपने घर से भागी और देखा तो कई लोग भाग रहे थे."

फिलहाल मलेशिया और सिंगापुर मे व्यापारियों का कहना है कि इसका असर व्यापार पर नहीं पड़ा है, हालाँकि बहुत से लोग गगनचुंबी इमारतों से बाहर निकल आए.

इंडोनेशिया ऐसे इलाक़े में है जहां भूकंप आने की संभावना बहुत अधिक रहती है.

इसी इलाक़े में 2006 में आए भूकंप मे 500 लोगों की मौत हुई थी जबकि दिसंबर 2004 में समुद्र में आए भूकंप के बाद उठी सूनामी लहरों में क़रीब सवा लाख लोगों की मौत हो गई थी.

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