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'मून ने बर्मा सरकार की आलोचना की' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कड़े शब्दों में बर्मा के सैनिक शासन की आलोचना करते हुए कहा है कि बर्मा के प्रति अंतरराष्ट्रीय समुदाय का धैर्य जवाब दे रहा है. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि बर्मा में वर्षों से क़ायम सैनिक शासन को हटाए जाने की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि बर्मा के शासकों को तत्काल लोगों को आज़ादी और लोकतांत्रिक व्यवस्था देनी चाहिए. संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने ये बातें अपने थाइलैंड दौरे के दौरान कहीं. उन्होंने कहा कि बर्मा में लोकतंत्र समर्थक आंदोलन की नेता सू ची को राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ संवाद स्थापित करने का अवसर दिया जाना चाहिए. बर्मा दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संगठन एसियान का सदस्य है और इसीलिए महासचिव बाम की मून ने कहा कि एसियान को बर्मा पर दबाव बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक भूमिका का निर्वाह करना चाहिए. लोकतंत्र की लड़ाई ग़ौरतलब है कि पिछले महीनों बर्मा में लोकतंत्र समर्थकों की ओर से देश में लोकतंत्र बहाली के लिए चलाए जा रहे में तेज़ी आई है.
इस तेज़ी में नेताओं और आम लोगों के अलावा पहली बार बौद्ध भिक्षुओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था. इस आंदोलन को रोकने के लिए सैनिक शासन की ओर से बल प्रयोग भी किया गया और कुछ लोगों को जानें भी गंवानी पड़ीं. हज़ारों की तादाद में लोकतंत्र समर्थकों को जेलों में डाल दिया गया था. सैनिक शासन ने जिन तरीकों से लोकतंत्र समर्थक आंदोलन का दमन किया उसके बाद उनपर अमानवीय तरीके अपनाने और मानवाधिकार उल्लंघन का भी आरोप लगा. बर्मा में लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के दमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों ने कड़ी निंदा की थी. संयुक्त राष्ट्र और अन्य पश्चिमी देशों ने बर्मा पर लोकतंत्र बहाली के लिए दबाव बनाया. संयुक्त राष्ट्र ने तो पूरी स्थिति पर नज़र रखने के लिए इब्राहिम गम्बारी को विशेष दूत के तौर पर बर्मा भी भेजा था. बर्मा को कुछ आर्थिक प्रतिबंधों का भी सामना करना पड़ा. हालांकि इतने सब के बावजूद अभी भी सैनिक शासन क़ायम है. बीच में बर्मा के सैनिक नेतृत्व की ओर से कुछ लचीला रवैया भी अपनाया गया पर इससे कोई बड़ा परिवर्तन अभी तक देखने को नहीं मिला है. | इससे जुड़ी ख़बरें बर्मा में स्थिति बेहतर हो रही है:गंबारी14 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना बान की मून की सेना, विपक्ष से अपील13 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना सू ची पार्टी के सदस्यों से मिलीं09 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना बर्माः लोकतंत्र की राह आसान नहीं है23 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना बर्मा में अशांति: एक छात्र की नज़र से 06 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना गम्बारी ने सू ची से मुलाक़ात की30 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना बर्मा के ख़िलाफ़ प्रतिबंध कड़े किए गए29 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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