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रूस में नई संसद के लिए मतदान शुरु | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस में नई संसद चुनने के लिए मतदान शुरु हो चुका है और रूस के सुदूर पूर्वी इलाक़ों में लोग अपने मतों का प्रयोग कर रहे हैं. हालांकि इस बात की बहुत चिंता की जा रही है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होंगे. बहुत से मतदाता मीडिया को दिए जा रहे साक्षात्कार में बता रहे हैं और इंटरनेट पर ब्लॉग्स लिख रहे हैं कि एक पार्टी विशेष के लिए मतदान करने के लिए उन पर किस तरह के दबाव डाले जा रहे हैं. हालांकि निचले सदन ड्यूमा के लिए 11 राजनीतिक दल मैदान में हैं लेकिन यह तय नहीं है कि इनमें से कितने दलों को आवश्यक सात प्रतिशत मत मिल सकेंगे. माना जा रहा है कि इन चुनावों से ही तय होने जा रहा है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का राजनीतिक भविष्य क्या होगा. फीका प्रचार संवाददाताओं का कहना है कि महीने भर चला चुनाव प्रचार फीका ही रहा है और ज़्यादातर रूसियों का मानना है कि इन चुनावों के बाद भी राजनीतिक समीकरण यथावत रहने वाले हैं.
फिर भी मतदान का अपना महत्व होता है. चुनाव परिणामों से यह तय होगा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अगला क़दम क्या उठाने जा रहे हैं. उन्हें मार्च में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के बाद अपना पद छोड़ना है. उन्होंने साफ़ कर दिया है कि वे किसी न किसी रुप में शीर्ष नेतृत्व में बने रहना चाहते हैं. उधर इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही है कि मतदान के आँकड़ों और चुनाव परिणामों में हेरफेर हो सकता है. मतदातों की ओर से ये शिकायतें आ रहीं थीं कि उन पर पार्टी विशेष के लिए मतदान करने का दबाव डाला जा रहा है और अब मॉस्को में ब्रिटिश राजदूत टोनी ब्रेनटन ने भी इसमें सुर मिला लिया है. बीबीसी को दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन असंतुलित है और अधिकारों का दुरुपयोग किया जा रहा है. उन्होंने इस बात को लेकर भी निराशा ज़ाहिर की है कि रुसी सरकार ने यूरोपीय पर्यवेक्षकों के संगठन का वहाँ पहुँचना असंभव बना दिया है. ऐसे में अब पूरे देश के लिए कुल 330 विदेशी पर्यवेक्षक हैं. और रुस के नए नियमों के अनुसार किसी भी मतदान केंद्र के भीतर किसी भी स्वतंत्र पर्यवेक्षक संस्था को जाने की अनुमति नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें कास्परोव रैली के दौरान गिरफ़्तार25 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना गोर्बाचेफ़ ने सुधार आंदोलन शुरू किया20 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना अब प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं पुतिन01 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना पुतिन ने नया प्रधानमंत्री नामांकित किया12 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना रूस ने ब्रिटेन को चेतावनी दी17 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना रूस से चार ब्रितानी राजनयिक निष्कासित19 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना ब्रिटेन से चार रूसी राजनयिक निष्कासित16 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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