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दुबई में पुल टूटने से सात की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त अरब अमीरात के शहर दुबई में पुलिस ने बताया है कि एक निर्माणाधीन पुल के गिरने से सात मज़दूरों की मौत हो गई और 15 घायल हो गए हैं जिनमें कुछ भारतीय भी हो सकते हैं. यह पुल दुबई मरीना में बनाया जा रहा था. दुबई मरीना संयुक्त अरब अमीरात का नया शहर है जो बसाया जा रहा है और यह कारोबार के नज़रिए से काफ़ी विकसित है. इसे कारोबार और पर्यटन के क्षेत्रीय केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. दुर्घटना के बाद अनेक एंबुलेंस वहाँ जाते हुए देखी गई हैं और घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया है. समाचार एजेंसी एपी ने बताया है कि पुलिस ने इलाक़े की घेराबंदी कर दी है और जाँच-पड़ताल शुरू कर दी है. उस पुल पर जो मज़दूर काम कर रहे थे वे वेड एडम्स ग्रुप एजेंसी के ठेके पर थे. इस कंपनी के मानव संसाधान निदेशक एनएम नौशाद ने इस दुर्घटना की पुष्टि तो की है लेकिन हताहतों की संख्या के बारे में कुछ नहीं बताया है. उन्होंने कहा है कि मारे गए मज़दूरों के परिवारों को 24,508 डॉलर का मुआवज़ा दिया जाएगा लेकिन घायलों के दिए जाने वाले मुआवज़े के बारे में उन्होंने कुछ नहीं बताया. इस दुर्घटना में जीवित बचे एक भारतीय मज़दूर मुत्थू राज ने एपी को बताया, "हम एक बहुत बड़ा स्टील बीम दीवार में रखने की कोशिश कर रहे थे कि वह अचानक गिर गई. मेरे कुछ साथी वहीं फँस गए लेकिन मैं किसी तरह ख़ुद को बचाने में कामयाब हो गया." मुत्थू राज ने बताया कि जिस समय यह दुर्घटना हुई उस समय वहाँ लगभग 30 भारतीय मज़दूर थे. पास ही में निर्माण कार्य कर रही एक अन्य कंपनी अल हमाद के सुरक्षा मामलों के अध्यक्ष राजकुमार का कहना था कि उस पुल पर जो मज़दूर काम कर रहे थे उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त उपकरण नहीं थे, मसलन उन्होंने हेलमैट, दास्ताने, जूते और अन्य सुरक्षा उपकरण नहीं पहने हुए थे. हाल के समय में दुबई की अर्थव्यवस्था में ख़ासी तेज़ी आई है और वहाँ बहुत सी इमारतें बन रही हैं. उनमें जो मज़दूर काम करते हैं भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों से होते हैं और उन्हें काफ़ी कम मज़दूरी मिलती है. पुलिस ने कहा है कि जिस समय वह पुल टूटा, उस समय उस पर चालीस से ज़्यादा मज़दूर काम कर रहे थे. दुबई दुनिया के तेज़ी से प्रगति कर रहे शहरों में गिना जाता है लेकिन निर्माणाधीन इमारतों में सुरक्षा का अक्सर मीडिया में जगह पाता रहा है यानी वहाँ बनने वाली इमारतों में मज़दूरों की सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती है. दुबई में काम करने वाले विदेशी मज़दूरों ने हाल ही में बेहतर वेतन और रहने की अच्छी व्यवस्था की माँग के साथ हड़ताल की थी. इनमें अनेक भारतीय मज़दूर भी थे. दुबई में हाल में जो इमारतें बन रही हैं उनमें बुर्ज दुबई भी है जिसे दुनिया की सबसे ऊँची इमारत के रूप में बनाया जा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें दुबई में 159 मज़दूर हिरासत में31 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना 'बुर्ज दुबई दुनिया की सबसे ऊँची इमारत'22 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना यूएई में प्रवासी कामगारों का शोषण13 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना दुबई कंपनी विवाद पर बुश चिंतित10 मार्च, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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