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महंगी पड़ी कपास की ग़ैरक़ानूनी सब्सिडी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विश्व व्यापार संगठन में ब्राज़ील को अमरीका पर एक बड़ी जीत हासिल हुई है. ब्राज़ील के कपास उगाने वाले किसानों और अमरीका के बीच जारी विवाद में विश्व व्यापार संगठन ने कहा है कि अमरीका ने अपने किसानों को दी जा रही ग़ैरक़ानूनी सब्सिडी को रोका नहीं है. माना जा रहा है कि विश्व व्यापार संगठन में इस हार के बाद अमरीका को अरबों डॉलर के व्यापार प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है. यह फ़ैसला सिर्फ़ ब्राज़ील के लिए ही नहीं बल्कि पश्चिमी अफ़्रीकी देशों के कपास उगाने वाले किसानों के लिए भी बड़ी जीत है. अमरीका दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक देश है. हालांकि ब्राज़ील कहता रहा है कि अगर अमरीका अपने किसानों को अरबों डॉलर की ग़ैरक़ानूनी सहायता न दे तो वहाँ के किसानों को उसका नाजायज़ फ़ायदा नहीं होगा. नहीं मानी बात बीबीसी संवाददाता का कहना है कि विश्व स्वास्थ्य के नियमों के तहत ब्राज़ील ने 2002 यानी पाँच साल पहले भी एक मामला जीता था लेकिन अब विश्व व्यापार संगठन ने यह कह दिया है कि अमरीका ने उसकी बात पूरी तरह नहीं मानी है. संस्थाएँ ये कहती रही हैं कि अमरीका में किसानों को सब्सिडी देने से उनका उत्पाद सस्ता हो जाता है जिससे अफ़्रीका जैसे देशों के किसानों को उनके उत्पाद की सही क़ीमत नहीं मिलती और वे और अधिक ग़रीब होते जाते हैं. बीबीसी के अमरीका संपादक विल ग्राँट का कहना है कि ऑक्सफ़ैम जैसे सहायतार्थ संगठन कहते रहे हैं कि बुरकीनाफ़ासो, बेनिन और चाड जैसे अफ़्रीकी देशों को अमरीकी सब्सिडी के कारण हर साल 30 करोड़ डॉलर के राजस्व का नुक्सान होता है. विश्व व्यापार संगठन की ताज़ा घोषणा का अर्थ यह हुआ कि अब अमरीका पर अरबों डॉलर के व्यापार प्रतिबंध लग सकते हैं. वैसे अभी अमरीका के पास क़ानूनन अपील करने का एक आख़िरी रास्ता बचा है. | इससे जुड़ी ख़बरें डब्ल्यूटीओ में अमरीका के ख़िलाफ़ फ़ैसला28 जुलाई, 2007 | कारोबार विश्व व्यापार के मुद्दे पर बातचीत विफल21 जून, 2007 | कारोबार दोहा वार्ताओं में तेज़ी पर सहमति12 अप्रैल, 2007 | कारोबार ग़रीबी उन्मूलन पर ध्यान देने की सलाह01 सितंबर, 2006 | कारोबार 'महंगाई रोक पाने में विफल रही सरकार'02 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस डब्ल्यूटीओ से सहमे किसान30 जून, 2006 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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